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झारखंड बजट 2026-27: गांवों के समग्र विकास व ठोस बदलाव की दिशा में बड़ा कदमः दीपिका पांडेय

Ranchi: झारखंड सरकार के अबुआ दिशोम’ बजट 2026-27 को ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताते हुए ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह बजट गांव, गरीब, महिला, युवा और अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने वाला दस्तावेज है.
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Ranchi: झारखंड सरकार के अबुआ दिशोम’ बजट 2026-27 को ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताते हुए ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह बजट गांव, गरीब, महिला, युवा और अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने वाला दस्तावेज है.


मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि झारखंड को प्रगति और उन्नति की नई राह पर आगे बढ़ाने की स्पष्ट कार्य योजना है. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं.


विभागवार बजट में उल्लेखनीय वृद्धि


सरकार ने ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए विभागवार बजट में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है. -ग्रामीण विकास विभाग का बजट वर्ष 2025-26 के 9,841 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2026–27 में 12,347 करोड़ रुपये किया गया है. यह राशि आजीविका सृजन, आवास, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को गति देगी.


-ग्रामीण कार्य विभाग का बजट 4,576 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5,081 करोड़ रुपये किया गया है। इससे ग्रामीण सड़कों, पुल-पुलियों और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे दुर्गम गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने में मदद मिलेगी.


-पंचायती राज विभाग का बजट 2,144 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,283 करोड़ रुपये किया गया है। इससे पंचायत सचिवालयों के सशक्तिकरण और स्थानीय स्वशासन को मजबूती मिलेगी.


महिलाओं और बच्चों पर विशेष फोकस


मंत्री ने बताया कि महिलाओं के लिए संचालित 250 योजनाओं के माध्यम से लगभग 34,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. जेंडर बजटिंग को 35 प्रतिशत तक ले जाकर महिलाओं को बराबरी के साथ आगे बढ़ाने का स्पष्ट संकल्प दर्शाया गया है.


चाइल्ड बजटिंग के तहत 132 योजनाओं के लिए 10 प्रतिशत से अधिक, यानी 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि निर्धारित की गई है. उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह समावेशी है और महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण समाज को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है.


केंद्र से बकाया राशि पर भी उठाया मुद्दा


मंत्री ने कहा कि सभी मानदंडों को पूरा करने के बावजूद मार्च से पहले झारखंड को लगभग 1,300 करोड़ रुपये मिल जाने चाहिए थे, लेकिन पूरी राशि प्राप्त नहीं हो सकी. पंचायती राज विभाग ने निर्धारित सभी क्राइटेरिया पूरे किए हैं और उम्मीद है कि शेष किश्तें शीघ्र जारी होंगी, जिससे विकास कार्यों को और गति मिलेगी.

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