- - 25 जून तक ही किया जा सकेगा ऑनलाइन आवेदन
- - समय सीमा खत्म होने के बाद अवैध निर्माणों पर होगा कानूनी कार्रवाई
Ranchi: झारखंड सरकार की ओर से 'झारखंड अनधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली 2026' के तहत अवैध निर्माणों को वैध करने की अंतिम तिथि 25 जून निर्धारित की गई है. इसके बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा और किसी भी आवेदन पर विचार नहीं होगा. नगर विकास विभाग ने भवन मालिकों को आगाह किया है कि वे आखिरी समय की भीड़ और तकनीकी परेशानियों से बचने के लिए जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें. इस तिथि के बाद अवैध निर्माणों के खिलाफ ध्वस्तीकरण का अभियान शुरू किया जा सकता है.
पात्रता की मुख्य शर्तें व निर्माण की सीमा
नियमितीकरण का लाभ लेने के लिए पहली और सबसे अनिवार्य शर्त यह है कि संबंधित भवन का निर्माण 31 दिसंबर 2024 से पहले हो चुका हो. पात्रता के नियमों के तहत केवल वही भवन इस दायरे में आएंगे, जिनकी ऊंचाई 10 मीटर (G+2) तक है और जो 300 वर्ग मीटर तक के भूखंड पर बने हैं. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की सरकारी जमीन, सार्वजनिक पार्क, मास्टर प्लान की सड़कों के संरेखण या जल निकायों (नदी-तालाब) में किए गए अतिक्रमण को वैध नहीं किया जाएगा. साथ ही सीएनटी या एसपीटी एक्ट के उल्लंघन वाली भूमि पर बने भवनों को भी इस योजना से बाहर रखा गया है.
निर्धारित शुल्क व भुगतान प्रक्रिया
शुल्क भुगतान के मामले में भी पारदर्शिता बरती गई है, जहां आवासीय भवनों के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपये और व्यवसायिक भवनों के लिए न्यूनतम 20 हजार रुपये का शुल्क तय किया गया है. पुराने निकायों के गठन से पहले बने मकानों के लिए 5 हजार रुपये की एकमुश्त राहत दी गई है. आवेदकों को कुल शुल्क का 50 प्रतिशत आवेदन के समय ऑनलाइन जमा करना होगा और बाकी बची राशि को तीन आसान किस्तों में चुकाने की सुविधा मिलेगी. यह पूरी आवेदन प्रक्रिया बीपीएएमएस (BPAMS) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जा रही है.
सुरक्षा मानक अनिवार्य
आवेदन के साथ मालिकाना हक के वैध दस्तावेज, स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट और भवन की वर्तमान तस्वीरें संलग्न करना आवश्यक है. गैर-आवासीय भवनों के लिए फायर एनओसी की शर्त अनिवार्य है, जबकि जिन भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा नहीं है, उन्हें 6 महीने के भीतर इसे लगवाने का शपथ पत्र देना होगा.
विभाग ने सचेत किया है कि यदि आवेदन में कोई तथ्य छिपाया गया या गलत जानकारी दी गई, तो न केवल आवेदन रद्द होगा, बल्कि जमा किया गया शुल्क भी जब्त कर लिया जाएगा. विभाग का कहना है कि 25 जून की समय सीमा करीब है, इसलिए भवन स्वामियों को बिना देर किए अपनी संपत्ति को कानूनी मान्यता दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए.
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