Search

 
 
 

झारखंड ने मनाया 25वां स्थापना दिवस: गौरवशाली इतिहास, विकास की योजनाओं व समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन

झारखंड ने आज, 15 नवंबर 2025 को अपनी स्थापना की रजत जयंती (25वीं वर्षगांठ) बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ मनाई. यह दिन जनजातीय नायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के साथ भी मेल खाता है, जो इस समारोह को और भी खास बना देता है.
 

Ranchi : झारखंड ने आज, 15 नवंबर 2025 को अपनी स्थापना की रजत जयंती (25वीं वर्षगांठ) बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ मनाई. यह दिन जनजातीय नायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के साथ भी मेल खाता है, जो इस समारोह को और भी खास बना देता है. राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्य के इतिहास, संस्कृति और 25 वर्षों की विकास यात्रा को प्रदर्शित किया गया.

Uploaded Image
संस्कृति और कला का अद्भुत संगम

इस वर्ष के महोत्सव का एक प्रमुख उद्देश्य झारखंड की समृद्ध संस्कृति और जनजातीय कला को देश और दुनिया के सामने लाना था.

 

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

विभिन्न समूहों द्वारा झारखंड के लोकनृत्यों (जैसे छऊ, पाइका, जदूर) और पारंपरिक गीतों की रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने दर्शकों को राज्य की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया.

 

कला और शिल्प प्रदर्शन: राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों ने अपनी स्थानीय कलाकृतियों, हस्तशिल्पों और पारंपरिक चित्रों (जैसे सोहराय और कोहबर कला) का प्रदर्शन किया.

 

'एक जिला, एक उत्पाद' स्टॉल

कार्यक्रम स्थल पर एक विशेष आकर्षण का केंद्र थे, झारखंड के सभी जिलों के प्रसिद्ध उत्पादों को समर्पित स्टॉल. यह पहल आगंतुकों को एक ही स्थान पर पूरे झारखंड की सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता से परिचित कराने के लिए की गई थी.

 

विविधता का प्रदर्शन: इन स्टॉलों में हर जिले की सबसे खास चीज को दर्शाया गया—चाहे वह पलामू का लाह (Lacs) हो, रांची की तसर सिल्क हो, चाईबासा का पत्थर कला हो, या कोडरमा का अभ्रक (Mica) आधारित हस्तशिल्प.

 

संस्कृति से जुड़ाव

ये स्टॉल केवल उत्पादों का प्रदर्शन नहीं थे, बल्कि यह दिखाने का प्रयास था कि कैसे हर जिले की पहचान उसकी मिट्टी और संस्कृति से जुड़ी हुई है. महोत्सव में आए लोगों ने न केवल इन उत्पादों की खरीदारी की बल्कि झारखंड की प्रामाणिक संस्कृति और कारीगरी को भी करीब से जाना.

 

प्रदर्शनी और मुख्य कार्यक्रम की झलकियां

वॉल ऑफ फेम - स्वतंत्रता सेनानी: कार्यक्रम स्थल पर एक पूरी दीवार को "वॉल ऑफ फेम - स्वतंत्रता सेनानी" के रूप में समर्पित किया गया, जिसमें झारखंड के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी गई.

 

योजनाओं का प्रदर्शन: सरकारी की "फ्लैगशिप योजनाओं" को प्रदर्शित करने वाले पैनल लगाए गए थे, जिनमें 25 वर्षों में हुए विकास कार्यों और कल्याणकारी पहलों की जानकारी दी गई.

 

उद्घाटन और शिलान्यास: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई नई कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया और विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया. इस भव्य महोत्सव ने झारखंड के लोगों को अपने इतिहास, संस्कृति और प्रगति पर गर्व करने का अवसर प्रदान किया.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही