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असम के चुनावी मैदान में पहुंचे झारखंड के CM हेमंत सोरेन, भाजपा पर बोला हमला

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने असम में हो रहे विधानसभा चुनाव के मैदान में उतर चुके है. शनिवार को सीएम हेमंत ने असम में चुनाव प्रचार का कमान संभालते हुए, कोकराझार जिले के गोसाईंगांव विधानसभा क्षेत्र से चुनावी रैली की. यहां उन्होंने जेएमएम प्रत्याशी फ्रेडरिक्सन हांसदा के समर्थन में विशाल जनसभा को संबोधित किया.
 

Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने असम में हो रहे विधानसभा चुनाव के मैदान में उतर चुके है. शनिवार को सीएम हेमंत ने असम में चुनाव प्रचार का कमान संभालते हुए, कोकराझार जिले के गोसाईंगांव विधानसभा क्षेत्र से चुनावी रैली की. यहां उन्होंने जेएमएम प्रत्याशी फ्रेडरिक्सन हांसदा के समर्थन में विशाल जनसभा को संबोधित किया. 


सीएम हेमंत सोरेन की हुंकार सुनकर जनसभा में मौजूद स्थानीय लोग, कार्यकर्ता और समर्थकों में उत्साह का संचार हो गया. मुख्यमंत्री हेमन्त ने झारखंड की वीर परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि आदिवासियों ने आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई और कभी गुलामी स्वीकार नहीं की. 

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उन्होंने कहा कि अब झुकने का नहीं, बल्कि अधिकार लेने का समय है. यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि आदिवासी और वंचित समाज के हक को घर-घर तक पहुंचाने का अभियान है. उन्होंने लोगों से चुनाव के दौरान अपनाए जाने वाले हथकंडों से सतर्क रहने की अपील की और बच्चों की शिक्षा पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि शिक्षा ही आज के समय की सबसे बड़ी ताकत है.

 

चाय बागान मजदूरों के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने कहा कि इन मजदूरों का देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है, लेकिन उन्हें अब तक उनका अधिकार नहीं मिला. वर्षों से उन्हें सिर्फ आश्वासन दिया गया है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस हक की लड़ाई में उनके साथ है.

 

भाजपा पर हमला बोलते हुए हेमन्त सोरेन ने कहा कि ये लोग चुनाव के समय खातों में 500 या 1000 रुपये डालते हैं और बाद में जनता से कई गुना वसूल लेते हैं. उन्होंने कहा कि ये देने वाले नहीं, बल्कि लेने वाले लोग हैं और चुनाव के समय जाल बिछाने का काम करते हैं.

 

झारखंड की शिक्षा व्यवस्था का उदाहरण देते हुए, उन्होंने कहा कि आज सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार हुआ है. 9 हजार सीटों के लिए 40 हजार बच्चों ने परीक्षा दी, जो बेहतर व्यवस्था का संकेत है. उन्होंने कहा कि असम में भी ऐसी ही शिक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी.

 

उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग पैसे के बल पर व्यवस्था को प्रभावित करते हैं और चुनाव के समय मीठी बातें करते हैं. उन्होंने कहा कि वे सच्चाई रखने आए हैं, न कि झूठे वादे करने.

 

हेमन्त सोरेन ने कहा कि असली सशक्तिकरण तब होगा जब नई पीढ़ी डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, प्रोफेसर और पत्रकार बनेगी. उन्होंने बताया कि झारखंड में आदिवासी युवाओं की उच्च शिक्षा का खर्च सरकार उठा रही है और ऐसी व्यवस्था असम में भी लागू करने का लक्ष्य है, ताकि वंचित समाज को समान अवसर मिल सके.

 

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