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झारखंड दुर्गा पूजा :  जवानों की छुट्टी रद्द, सुरक्षा सख्त, 11 हजार जवान व 1000 स्पेशल ब्रांच अधिकारी रहेंगे तैनात

Ranchi News : आईजी अभियान सह पुलिस प्रवक्ता नरेंद्र सिंह के अनुसार, त्योहारों के दौरान अतिरिक्त केंद्रीय बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है. इसमें छह कंपनी सीआरपीएफ की मांग की गई है, जबकि कुल आठ कंपनी अतिरिक्त केंद्रीय बल के लिए गृह मंत्रालय से अनुरोध किया गया है. संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती पर भी विशेष जोर दिया गया है. पुलिस की रणनीति भीड़ बढ़ने से पहले निगरानी, तनाव बढ़ने से पहले हस्तक्षेप और किसी भी घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने की है.
 
सुरक्षा सख्त
  • दुर्गा पूजा पर झारखंड में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
  • पुलिस जवानों की छुट्टी रद्द
  • 11 हजार से अधिक जवान तैनात
  • VIP मूवमेंट वाले इलाकों में सादे लिबास में 1000 से अधिक स्पेशल ब्रांच अधिकारी रहेंगे तैनात 

Ranchi News : झारखंड पुलिस ने दुर्गा पूजा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. त्योहार के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 6 हजार से अधिक पुलिस जवान और करीब 5 हजार होमगार्ड की तैनाती की जाएगी. पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को पुलिस जवानों की छुट्टी रद्द करने का निर्देश दिया है. दुर्गा पूजा के दौरान सभी पुलिसकर्मी अपने-अपने ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात रहेंगे और सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे. 

 

इसके अलावा केंद्रीय बलों की कंपनियां भी सुरक्षा में लगाई जाएंगी.  छह कंपनी सीआरपीएफ की मांग की गई है.  जबकि कुल आठ कंपनी अतिरिक्त केंद्रीय बल उपलब्ध कराने के लिए गृह मंत्रालय से अनुरोध किया गया है. संवेदनशील इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की भी तैयारी है. वहीं इलाके में ड्रोन कैमरा से भी निगरानी की जा गई. रांची, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, बोकारो और पलामू जैसे प्रमुख शहरों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की जा रही है. 

 

 

VIP मूवमेंट वाले इलाकों में सादे लिबास में 1000 से अधिक स्पेशल ब्रांच अधिकारी तैनात रहेंगे. जहां मुख्यमंत्री, राज्यपाल, न्यायिक अधिकारी या अन्य वीआईपी के पूजा पंडालों में पहुंचने की संभावना रहेगी, वहां स्पेशल ब्रांच के अधिकारी सादे लिबास में तैनात रहेंगे. ये अधिकारी भीड़ के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़ी किसी भी स्थिति पर नजर रखेंगे. वीआईपी मूवमेंट वाले रूट और आसपास के पूजा पंडालों में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा.

 

दुर्गा पूजा के दौरान पुलिस जमीन के साथ आसमान से भी निगरानी करेगी. राज्य के प्रमुख और संवेदनशील पूजा पंडालों में कम से कम 10 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है. कैमरों के जरिए पंडाल के अंदर और बाहर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी. वहीं संवेदनशील इलाकों और प्रमुख पूजा पंडालों के आसपास ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जाएगी. ड्रोन के जरिए भीड़ की स्थिति, आने-जाने वाले रास्तों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जाएगी. किसी इलाके में अचानक भीड़ बढ़ने या स्थिति बिगड़ने के संकेत मिलने पर पुलिस तत्काल अतिरिक्त बल भेज सकेगी.

 

सभी जिलों के एसपी को अपने-अपने क्षेत्रों में लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी पूजा पंडालों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है. सूची तैयार होने के बाद प्रत्येक पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी. पंडालों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास की व्यवस्था पर भी नजर रखी जाएगी. खासकर महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए कई प्रमुख पूजा पंडालों में महिलाओं के लिए अलग प्रवेश गेट की व्यवस्था की जाएगी. महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी.

 

पुलिस ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है. प्रमुख पूजा स्थलों के आसपास दमकल की गाड़ियां तैनात रखने की तैयारी है, ताकि आगजनी की घटना होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके. मेडिकल इमरजेंसी को देखते हुए सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ समन्वय किया जा रहा है. भीड़भाड़ वाले प्रमुख इलाकों में एंबुलेंस भी उपलब्ध रखने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि दुर्घटना या किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके.

 

दुर्गा पूजा के दौरान पुलिस का कंट्रोल रूम 24 घंटे एक्टिव रहेगा. आम लोगों को संदिग्ध गतिविधि, विवाद, अफवाह या सुरक्षा से जुड़ी किसी समस्या की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा. कंट्रोल रूम से फील्ड में तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों के साथ लगातार समन्वय रखा जाएगा. किसी भी सूचना के मिलने के बाद संबंधित इलाके में तत्काल पुलिस बल भेजने की व्यवस्था रहेगी.

 

त्योहार के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए शांति समितियों को भी सक्रिय किया जाएगा. समितियों में स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार लोगों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों को शामिल किया जाएगा. स्थानीय स्तर पर संवेदनशील इलाकों, पुराने विवादों और संभावित समस्याओं की जानकारी लेकर पुलिस पहले से तैयारी करेगी, ताकि किसी विवाद को बड़ा रूप लेने से पहले ही नियंत्रित किया जा सके.

 

पुलिस उन इलाकों और पुराने मामलों की भी समीक्षा करेगी, जहां पहले त्योहारों के दौरान विवाद, हिंसा या कानून-व्यवस्था की समस्या सामने आ चुकी है. ऐसे मामलों में शामिल रहे उपद्रवी तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी. लंबित गिरफ्तारी वारंट और कुर्की के आदेशों की भी समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

 

आईजी अभियान सह पुलिस प्रवक्ता नरेंद्र सिंह के अनुसार, त्योहारों के दौरान अतिरिक्त केंद्रीय बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है. इसमें छह कंपनी सीआरपीएफ की मांग की गई है, जबकि कुल आठ कंपनी अतिरिक्त केंद्रीय बल के लिए गृह मंत्रालय से अनुरोध किया गया है. संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती पर भी विशेष जोर दिया गया है. पुलिस की रणनीति भीड़ बढ़ने से पहले निगरानी, तनाव बढ़ने से पहले हस्तक्षेप और किसी भी घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने की है.

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