Ranchi: झारखंड सरकार राज्य के श्रमिकों को विदेश में रोजगार के नाम पर हो रही ठगी से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है. श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग एक नया कानून तैयार कर रहा है, जिसके जरिए विदेश भेजने वाली एजेंसियों और बिचौलियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी.
राज्य के हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह और संताल परगना जैसे जिलों से बड़ी संख्या में लोग बेहतर कमाई की उम्मीद में खाड़ी देशों सहित अन्य देशों का रुख करते हैं. इस दौरान कई बार फर्जी एजेंसियां गलत जानकारी देकर श्रमिकों का शोषण करती हैं. विदेश में एजेंसियों के द्वारा मजदूरों का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया जाता है, मजदूर सोशल मीडिया के माध्यम से अपने बचाव की गुहार लगाते भी देखे गये हैं.
सरकार की ओर से प्रस्तावित कानून का उद्देश्य ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाना और श्रमिकों को सुरक्षित व पारदर्शी प्रक्रिया के तहत रोजगार उपलब्ध कराना है.
जानकारी के अनुसार, इस कानून का नाम झारखंड ओवरसीज इम्प्लॉयमेंट (रेगुलेशन, फैसिलिटेशन एंड वेलफेयर) एक्ट’ रखा जा सकता है. इसके लागू होने के बाद विदेश भेजने वाली सभी कंपनियों और एजेंसियों का पंजीकरण अनिवार्य होगा. बिना रजिस्ट्रेशन किसी को भी श्रमिक को बाहर भेजने की अनुमति नहीं मिलेगी.
इसके साथ ही सरकार प्रवासी श्रमिकों का एक विस्तृत डाटाबेस तैयार करेगी, जिससे आपात स्थिति में उनकी मदद की जा सके. यह कानून केंद्र के प्रवासन अधिनियम 1983 के साथ तालमेल में काम करेगा और राज्य स्तर पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाएगा.
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