Ranchi : झारखंड सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए 65 करोड़ 16 लाख 16 हजार रुपये का बजट जारी किया है. यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 में आउटसोर्सिंग के जरिए जरूरी सेवाएं चलाने के लिए दी गई है.
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इस बजट से मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में कई जरूरी सेवाओं को मजबूत किया जाएगा. इसके तहत सफाई कर्मी, हाउसकीपिंग स्टाफ, लॉन्ड्री सेवा, सुरक्षा गार्ड, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस व अन्य वाहनों के चालक, लिफ्ट और मशीन ऑपरेटर और जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाएगी.
सरकार की इस योजना का लाभ राज्य के पांच प्रमुख मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े अस्पतालों को मिलेगा. इनमें धनबाद का शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हजारीबाग का शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमशेदपुर का एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पलामू का मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और दुमका का फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शामिल हैं.
सरकार ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों के लिए कई जरूरी नियम भी तय किए हैं. कर्मचारियों को सरकार की ओर से तय न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान नहीं किया जा सकेगा. सभी कर्मचारियों का वेतन हर महीने की 15 तारीख तक सीधे उनके बैंक खाते में भेजना होगा. सभी कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन से दर्ज करना अनिवार्य होगा. साथ ही नियम के अनुसार कर्मचारियों का ईपीएफ और अन्य जरूरी अंशदान भी जमा करना होगा.
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भुगतान से पहले कर्मचारियों की उपस्थिति की पूरी जांच की जाएगी. यदि किसी तरह का गलत भुगतान होता है तो संबंधित अधिकारी उसकी जिम्मेदारी तय करेंगे.
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