- ईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग
Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट में ईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने प्रतिवादी संख्या एक (राज्य सरकार) की ओर से समय मांगे जाने पर 8 हजार रुपए का जुर्माना लगाया. जिसे झालसा में जमा करना है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने समय मांगे जाने पर प्रतिवादी संख्या 2 (सीएम) को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय प्रदान करते हुए 10000 रुपए का जुर्माना लगाया था. ईडी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास एवं अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा.
क्या है मामला
यह याचिका ईडी के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा सहित अन्य की ओर से दाखिल की गई है, जिसमें सीएम द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई है. सीएम ने 31 जनवरी को रांची के एससी-एसटी थाना में ईडी अधिकारियों - कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार, अमन पटेल समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया था.
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क्या हैं आरोप
दर्ज शिकायत में कहा गया है कि ईडी अधिकारियों ने उन्हें (सीएम) 29 से 31 जनवरी 2024 तक रांची में रहने को कहा, जबकि इसी दौरान उनकी अनुपस्थिति में दिल्ली स्थित आवास पर बिना पूर्व सूचना के छापेमारी की गई. हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया गया. साथ ही केंद्रीय एजेंसी पर मीडिया के जरिए भ्रम फैलाकर उनकी छवि खराब करने का आरोप भी लगाया गया है.
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