Search

झारखंड स्वास्थ्य विभाग सख्त, प्रगति शून्य रहने पर सिविल सर्जन का रुकेगा वेतन

Ranchi : स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मुख्यमंत्री अस्पताल रखरखाव योजना, 15वें वित्त आयोग और पीएम-अभीम की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई.

 

बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सभी जिलों के सिविल सर्जन उपस्थित थे.

 

अपर मुख्य सचिव ने एनएचएम के तहत किए गए खर्च और संभावित व्यय की समीक्षा करते हुए शीघ्र विपत्र तैयार कर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने समय पर भुगतान के लिए संबंधित अधिकारियों और स्टेकहोल्डर्स के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने को कहा.

 

मुख्यमंत्री अस्पताल रखरखाव योजना के अंतर्गत अस्पतालों में मरम्मत और रंग-रोगन की स्थिति की समीक्षा की गई. जहां भी कमियां पाई गईं, उन्हें तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए.

 

15वें वित्त आयोग की राशि की समीक्षा के दौरान कम खर्च पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सिंह ने शून्य प्रगति वाले जिलों में कारण-पृच्छा करने का निर्देश दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि सुधार नहीं होने पर संबंधित सिविल सर्जनों के वेतन पर रोक सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी. बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की प्रशंसा भी की गई.

 

बैठक में नगर परिषद और उप विकास आयुक्त को आवंटित राशि के धीमे उपयोग पर चिंता जताई गई. 13 फरवरी तक न्यूनतम 60 प्रतिशत राशि के उपयोग और यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जमा करने का निर्देश दिया गया.

 

अपर मुख्य सचिव ने अटेंडेंस सिस्टम को वेतन से जोड़ने और सहियाओं के इंसेंटिव को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया की जानकारी दी. एंबुलेंस संचालन में आ रही समस्याओं को लेकर 108 सेवा को एकीकृत संचालन में देने का सुझाव भी दिया गया.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp