Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विश्वविद्यालय शिक्षकों को प्रोन्नति मामले में झारखंड हाईकोर्ट बड़ी राहत, सरकार की अपील खारिज

राज्य के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के प्रोन्नति से संबंधित मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की अपील (एलपीए ) पर झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया.
Advertisement
Advertisement
  • सिंगल बेंच द्वारा सरकार के परिनियम की क्लॉज 3 की शर्त को खारिज किए जाने के आदेश को सही ठहराया

Ranchi :  राज्य के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के प्रोन्नति से संबंधित मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की अपील (एलपीए ) पर झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया.

 

हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की कोर्ट ने राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी और एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा है. प्रतिवादी की ओर से अधिवक्ता रूपेश सिंह ने पैरवी की थी. 

 

 

क्या था एकल पीठ का आदेश

हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने झारखंड के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों की प्रोन्नति से संबंधित यूजीसी के वर्ष 2010 के रेगुलेशन के तहत झारखंड सरकार द्वारा बनाए गए परिनियम के क्लॉज 3 के शर्त को कानून सम्मत नहीं बताते हुए खारिज कर दिया था.

 

साथ ही आदेश दिया था कि सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को उक्त परिनियम के तहत देय वित्तीय लाभ नियत तिथि से देय होगा, जिस तिथि को वह उस लाभ के हकदार होते हैं. राज्य सरकार ने अपील दायर कर सिंगल बेंच के आदेश को हाईकोर्ट की डबल बेंच में चुनौती दी थी.  
 

क्या है मामला

बता दें कि वर्ष 2010 के यूजीसी रेगुलेशन के तहत राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2022 में परिनियम बनाया था. जिसके तहत राज्य के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को 1 दिसंबर 2009 से अगस्त 2021 के बीच देय प्रोन्नति अथवा अन्य वित्तीय लाभ से संबंधित क्लॉज 3 में एक शर्त रखी थी,.

 

राज्य सरकार के इस परिनियम के खिलाफ कलानंद ठाकुर एवं अन्य की ओर से हाईकोर्ट  में रिट याचिका दाखिल की गई थी. प्रार्थी का कहना था कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों के प्रोन्नति से संबंधित यूजीसी के वर्ष 2010 के रेगुलेशन के आलोक में राज्य सरकार द्वारा परिनियम बनाये जाने से हुए विलंब का खामियाजा विश्वविद्यालय के शिक्षक क्यों भुगतेंगे.

 

याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से राज्य सरकार के परिनियम के क्लॉज 3 के शर्त को रद्द करने का आग्रह किया था. हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने रिट याचिका पर सुनवाई कर राज्य सरकार के परिनियम के क्लॉज 3 की शर्त को खारिज कर दिया.

 

राज्य सरकार के परिनियम के क्लाज 3 की शर्त में शिक्षकों को पूर्व बकाया का वित्तीय लाभ अथवा प्रोन्नति से उत्पन्न हुए वित्तीय लाभ को 15 दिसंबर 2022 से देय बताया गया था. इसके बाद राज्य सरकार ने सिंगल बेंच के आदेश को डबल बेंच में चुनौती दी थी. 

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही