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होमगार्ड की रोटेशन ड्यूटी पर झारखंड के जवानों में आक्रोश

Dhanbad: केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन महानिदेशालय अग्निशमन सेवाएं, नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड द्वारा जारी एक नए आदेश ने देशभर के होमगार्ड जवानों के बीच हलचल पैदा कर दी है. महानिदेशालय ने अब सभी राज्यों के होमगार्ड जवानों के लिए रोटेशन आधारित ड्यूटी अनिवार्य करने का निर्देश दिया है. इस फैसले के बाद झारखंड समेत कई राज्यों के जवानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. 


महानिदेशालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, होमगार्ड एक स्वैच्छिक संगठन है और जवान स्वयंसेवक के रूप में भर्ती किए जाते हैं. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि होमगार्ड की ड्यूटी अस्थायी, आवश्यकता आधारित और गैर-स्थायी होती है. वर्तमान में कई जवान बिना किसी विश्राम के लंबे समय तक एक ही जगह तैनात रहते हैं, जिससे वे नियमितीकरण की मांग करने लगते हैं. 


इस प्रथा को खत्म करने के लिए अब रोटेशन सिस्टम लागू किया जाएगा, ताकि किसी भी जवान को स्थायी रूप से लंबे समय तक काम न मिले.
झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन और स्थानीय जवानों ने इस आदेश का कड़ा विरोध किया है. जवानों का तर्क है कि जवानों को पहले ही नियमित रूप से ड्यूटी नहीं मिलती. रोटेशन सिस्टम लागू होने से कार्य दिवस और कम हो जाएंगे. जिससे उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार होगा. रोटेशन के कारण जवानों को साल के कई महीने बिना वेतन के घर पर बैठना पड़ सकता है.

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