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झारखंड शराब घोटाले में प्लेसमेंट एजेंसी के 3 निदेशक एसीबी रिमांड पर

Ranchi: झारखंड एसीबी ने शराब घोटाला मामले में मेसर्स विजन हॉस्पिटलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक को तीन दिनों के रिमांड पर लिया है. जिन तीन निदेशकों को रिमांड पर लिया गया है, उसमें - परेश अभेयसिंह ठाकोर, विक्रमासिंह अभेसिंह ठाकोर और महेश शिडगे शामिल हैं.
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Ranchi: झारखंड एसीबी ने शराब घोटाला मामले में मेसर्स विजन हॉस्पिटलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक को तीन दिनों के रिमांड पर लिया है. जिन तीन निदेशकों को रिमांड पर लिया गया है, उसमें - परेश अभेयसिंह ठाकोर, विक्रमासिंह अभेसिंह ठाकोर और महेश शिडगे शामिल हैं.  


तीनों को बीते 14 अक्टूबर को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया था. तीनों निदेशकों को सन स्काई पार्क वकील ब्रिज सोसायटी अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद तीनों को कोर्ट में पेशी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाया गया था और सभी को होटवार जेल भेज दिया गया था.

 

उत्पाद विभाग या जेएसबीसीएल ने बैंक गारंटी की जांच नहीं कराई


 जानकारी के अनुसार, मेसर्स विजन हॉस्पिटलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड का चयन हजारीबाग, कोडरमा और चतरा में मानव संसाधन प्रदाता के तौर पर किया गया था. प्लेसमेंट एजेंसी ने 27 अगस्त 2023 को कंपनी के प्रतिनिधि नीरज कुमार के हस्ताक्षर से 5.35 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जमा कराई. 


28 दिसंबर 2023 को पुन: कंपनी के निदेशक महेश शिडके के हस्ताक्षर से बैंक गारंटी जमा कराई गई. कारण बताया गया कि आंतरिक बदलाव के कारण ऐसा किया गया है. एसीबी ने जांच में पाया कि नई बैंक गारंटी की जांच के लिए 10 जनवरी 2024 को लिखा गया, लेकिन किसी भी स्तर से फिर उत्पाद विभाग या जेएसबीसीएल ने बैंक गारंटी की जांच नहीं कराई. 

 

इसी बीच विक्रय के विरुद्ध अंतर राशि जमा नहीं करने पर नौ जनवरी 2025 को विभाग ने बैंक गारंटी जब्त करने का आदेश दिया. जेएसबीसीएल के खिलाफ तब कंपनी हाईकोर्ट चली गई. प्लेसमेंट एजेंसी के द्वारा जारी की गई बैंक गारंटी 31 मार्च 2025 को खत्म होनी थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने प्लेसमेंट एजेंसी की बैंक गारंटी के अवधि विस्तार का आदेश पारित किया.


तब विभाग ने बैंक गारंटी के सत्यापन के लिए दो अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की. जब बैंक जाकर दोनों अधिकारियों ने जांच की तो बैंक ने बताया कि न तो बैंक गारंटी बैंक के द्वारा निर्गत की गई है, न ही लेटर हेड और सिग्नेचर स्टांप ही बैंक से संबंधित हैं. फर्जी बैंक गारंटी जमा करने को लेकर कंपनी को 8 अप्रैल 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.

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