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ग्रामीण विकास विभाग के नये आदेश से झारखंड हुआ लोकपाल विहीन

Ranchi :  झारखंड अब लोकपाल विहीन हो गया है. यह स्थिति राज्य सरकार द्वारा जिले के पांच लोकपालों को हटाने की वजह से पैदा हुई है. सरकार ने इससे पहले 19 जिलों के लोकपाल की सेवा समाप्त कर दी थी. बाकी बचे पांच लोकपाल की सेवा समाप्त करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने 16 मार्च को आदेश जारी किया.

 

ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 16 मार्च को जारी किये गये आदेश में कहा गया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के दिशा निर्देश के आलोक में लोकपाल की नियुक्ति दो साल के लिए की जाती है. इसके बाद उन्हें एक-एक साल का दो बार अवधि विस्तार दिया जाता है.  

 

गुमला जिले के लोपकाल शहवान शेख, लोहरदगा के इंदू तिवारी, चतरा के संध्या प्रधान, सरायकेला के संतोष कुमार और जामताड़ा के लोकपाल संजय कुमार उपाध्याय के सेवा विस्तार के मामले पर विचार करने के बाद विभाग ने सेवा विस्तार नहीं देने का फैसला किया.

 

विभाग के इस फैसले के आलोक में इन पांच जिलों के लोकपालों की सेवा भी समाप्त हो गयी. ग्रामीण विकास विभाग ने फरवरी में आदेश जारी कर 19 जिलों के लोकपाल की सेवा समाप्त की थी. सरकार ने इन 19 जिलों के लोकपालों को भी अवधि विस्तार देने से इनकार कर दिया था.

 

 

 

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