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झारखंड के लिए मजबूत बहुआयामी बजट की है आवश्यकताः सीएम हेमंत

Ranchi: सीएम हेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखंड के लिए मजबूत और बहुआयामी बजट की आवश्यकता है. राज्य में क्षमताओं की कमी नहीं है. उद्यमी, किसान, खेल में नौजवानों की भी मौजूदगी है. पर्टयन को बेहतर स्थिति में खड़ा कर सकते हैं. ग्रामीण परिवेश की परंपरागत व्यवस्था को भी बनाए रखना चाहिए.


मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास क्षमताएं हैं. देश में सबसे अधिक लाह का उत्पादन होता है. लेकिन इसमें हम वैल्यू एडिशन नहीं कर पाते. कोकून का बेहतर उपयोग नहीं हो पा रहा है. जिस देश में कोकून नहीं होता वह सिल्क में आज नंबर वन देश है. इसके लिए जो कड़ियां बीच में ब्रेक हो गई हैं, उसको भरने की जरूरत है. सीएम गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में बजट पूर्व संगोष्ठी में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक संसाधन के साथ आर्थिक समृद्धि के लिए क्या-क्या हो सकता है मजबूत रूप-ऱेखा के साथ आगे जाएंगे. 

 

लोगों को बजट के साथ जोड़ना होगा

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के लोगों को सरकार के बजट के साथ जोड़ना होगा. उन्हें भी जिम्मेवारी देनी होगी. सभी विभाग को बजट के अनुरूप जिम्मेवारी मिलती है. वे आम लोगों के सर्पोट में ज्यादा से ज्यादा कर पाएं. बजट सभी के आकांक्षाओं और उम्मीदों पर खरा उतरेगा. वर्क फोर्स डेवलप करेंगे. वित्त विभाग में पदाधिकारियों की कमी की भरपाई जल्द होगी. इस बार मजबूत बजट के साथ आगे बढ़ेंगे. ताकि हर वर्ग, हर विषय पर हम मजबूती से काम कर सकें. 

 

टारगेट के साथ काम शुरू 

सीएम ने कहा कि हमलोगों ने टारगेट के साथ काम करना शुरू किया है. टूरिज्म, कृषि, एजुकेशन, स्पोर्टस और आधारभूत संरचनाओं पर फोकस है. हर काम को करने में सबसे पहली बाधा पैसों की आती है. शहरीकरण बढ़ रहा है. शहरों को भी अपने पैरों पर खड़ा करने में ध्यान देने की आवश्यकता है. आज लोग गांव से प्रखंड, प्रखंड से जिला और जिला से राजधानी की ओर बेहतर भविष्य की तलाश में आ रहे हैं. ये विचरण अनवरत चलेगा. अर्थव्यवस्था को भी इसी तरीके चलना पड़ेगा. जिससे गांव से शहर की चीजों को परस्पर कर सकें. 

 

कृषि के क्षेत्र में कर रहे नए प्रयोग

सीएम ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में नए प्रयोग कर रहे हैं. इसके बेहतर परिणाम भी आ रहे हैं. झारखंड में प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में है. लेकिन वाटर रिजर्व वायर का बेहतर प्रयोग नहीं कर पाते. जमीन में कई बार खेती कर सकते हैं लेकिन संसाधन के अभाव में ऐसा नहीं हो पाता. नया जेनरेशन आ रहा है. इनकी डिमांड भी अलग है. नया जेनरेशन कृषि से हटकर नए रास्ते की तलाश में है. इस दिशा में मजबूत आधारभूत संरचना की आवश्यकता होगी. 

 

सबसे बड़ी आर्थिक गतिविधियां झारखंड में

सीएम ने कहा कि सभी राज्यों की अलग-अलग अर्थव्यवस्था और कार्यशैली है. हर एक को अपने-अपने राज्य को विकास के रास्ते पर ले जाने के तरीके हैं. झारखंड देश का छोटा और पिछड़े राज्यों में से एक है. लेकिन यहां कई बड़ी आर्थिक गतिविधियां होती हैं. खनन कार्य बड़े पैमाने पर होता है. देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड की बड़ी भूमिका है. राज्य की अर्थव्यवस्था कैसे मजबूत हो, इस पर राज्य सरकार विशेषाधिकार के साथ काम करती है. 

 

समृद्धि की ओर निरंतर बढ़ रहे कदम

सीएम ने कहा कि बेहतर प्रबंधन के साथ आर्थिक समृद्धि की ओर निरंतर कदम आगे बढ़ रहे हैं. झारखंड में एक लाख करोड़ से भी अधिक का बजट है. आनेवाले समय में इसमें वृद्धि भी होगी. डिमांड भी है. उन्होंने कहा कि मैनें कई देशों की यात्रा के दौरान वहां की चीजों को करीब से देखा. वहां की जीवनशैली, किसानों की स्थिति, शहर की स्थिति के साथ उद्योगों के विकास को जाना. सीएम ने कहा कि कई नीतियां ऐसी होती है, जो अलग-अलग क्षेत्रों को प्रभावित करती हैं. वहां आर्थिक संसाधन की उपलब्धता के कारण आर्थिक समृद्धि है. जिससे काम में आसानी होती है.

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