Ranchi : झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारी वेतन नहीं मिलने के कारण हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे आपातकालीन सेवा प्रभावित हो गई है. यह सेवा सम्मान फाउंडेशन द्वारा संचालित की जा रही है. कर्मचारियों का कहना है कि मार्च और अप्रैल 2026 का वेतन अब तक नहीं मिला है, जिसके विरोध में 3 मई की शाम से उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी.
सोमवार 4 मई को रांची के डोरंडा स्थित सम्मान फाउंडेशन के कार्यालय में कर्मचारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई. कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें 6 से 11 हजार रुपये तक का कम वेतन मिलता है और वह भी समय पर नहीं दिया जाता.
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अब तक ऑफर लेटर और पहचान पत्र नहीं दिया गया है. साथ ही पीएफ और ईएसआईसी जैसी जरूरी वैधानिक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें इलाज जैसी बुनियादी जरूरतों में भी परेशानी हो रही है.
कार्यालय में हुई वार्ता के दौरान प्रबंधन ने सरकारी फंड आने में देरी का हवाला देते हुए कर्मचारियों से 2 से 3 दिन का समय मांगा और काम पर लौटने की अपील की. हालांकि कर्मचारियों ने इसे खारिज करते हुए साफ कहा कि जब तक वेतन उनके खाते में नहीं आएगा, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे. एक कर्मचारी ने कहा कि वे इतने सक्षम नहीं हैं कि कई महीनों तक बिना वेतन के काम कर सकें, उनके परिवार में मेडिकल इमरजेंसी जैसी समस्याएं हैं.
झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कंपनी और सरकार के रवैये के कारण आम जनता को समय पर एंबुलेंस सेवा नहीं मिल रही है, जिससे जान का खतरा बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये भी नहीं दिया जा रहा है, जो उनके अधिकारों का उल्लंघन है.
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में मार्च और अप्रैल का बकाया वेतन तत्काल भुगतान, पीएफ, ईएसआईसी और बीमा जैसी सुविधाएं लागू करना, सभी कर्मचारियों को ऑफर लेटर और आईडी कार्ड देना और महंगाई के अनुसार वेतन बढ़ाना शामिल है. वार्ता विफल होने के बाद कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी मांगों के पूरा होने तक हड़ताल जारी रखेंगे.
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