Ranchi: बगैर प्रोग्रेस रिपोर्ट और फोटो के किसी योजना में पैसा मांगने पर संबंधित कार्यपालक अभियंता पर कार्रवाई होगी. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने इससे संबंधित दिशा निर्देश जारी किया है. विभाग की ओर से यह व्यवस्था पिछले दिनों मंत्री की समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति से संबंधिक गलत जानकारी देने की घटना को देखते हुए लागू की गयी है.
विभाग ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्र का नियमित दौरा और योजनाओं की प्रगति की जांच करने का निर्देश दिया है. साथ ही किसी भी योजना के लिए पैसों की मांगने से संबंधित पत्र (Requisition) के साथ कार्यपालक अभियंता को योजना की प्रगति रिपोर्ट भी देनी होगी.
प्रगति रिपोर्ट के साथ ही उसका फोटो भी देना होगा. बगैर प्रोग्रेस रिपोर्ट और फोटो के किसी भी योजना के लिए पैसा नहीं दिया जायेगा. सिर्फ इतना ही नहीं योजना का प्रोग्रेस रिपोर्ट और फोटो के बिना पैसों की मांग करने वाले कार्यपालक अभियंता के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी.
उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2026 में विभाग ने समीक्षा बैठक आयोजित की थी. विभागीय मंत्री की इस समीक्षा बैठक में मंत्री को अपने सवालों का सही जवाब नहीं मिला था. समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने नलकूपों की मरम्मत करने के लिए बने समूह के नंबरों पर अपना परिचय दिये बिना ही फोन किया था. लेकिन मंत्री को उनके सवालों का सही-सही जवाब नहीं मिला था.
इससे मंत्री ने इंजीनियरों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जतायी थी. इंजीनियरों द्वारा जल जीवन मिशन की प्रगति से संबंधित आंकड़ों में गड़बड़ी पायी गयी थी. लोहरदगा के कार्यपालक अभियंता द्वारा पेयजलापूर्ति योजनाओं के माध्यम से की जा रही जलापूर्ति की दी गयी जानकारी भी सही नहीं पायी गयी थी. इसके बाद मंत्री ने इंजीनियरों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने का निर्देश दिया था.
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