Ranchi : झारखंड में गैर-संचारी रोगों विशेषकर डायबिटीज (शुगर) और उच्च रक्तचाप (बीपी) को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान को पिछले एक वर्ष में बड़ी सफलता मिली है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्यभर में 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग, पहचान और निःशुल्क उपचार के दायरे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है.
एनसीडी के नोडल ऑफिसर डॉ लाल माझी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य में 30,45,750 लोगों की डायबिटीज की जांच की गई थी, जिसमें 61,017 मरीजों में बीमारी की पुष्टि हुई थी. वहीं वर्ष 2025-26 में 40,07,710 लोगों की स्क्रीनिंग की गई.
डॉ लाल माझी ने कहा कि जांच का दायरा बढ़ने से मरीजों की समय पर पहचान संभव हो रही है. साथ ही सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क दवा उपलब्ध होने से मरीजों के शुगर स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद मिली है.
उच्च रक्तचाप (बीपी) की जांच में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वर्ष 2024-25 में 30,64,451 लोगों के रक्तचाप की जांच की गई थी, जिसमें 84,211 मरीज मिले थे. वहीं वर्ष 2025-26 में 40,31,159 लोगों की स्क्रीनिंग की गई और 2,21,335 नए मरीजों में उच्च रक्तचाप की पहचान की गई.
इन सभी को निशुल्क वार्षिक उपचार से जोड़ा गया है. नियमित फॉलो-अप और स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी के कारण 13,668 मरीजों का रक्तचाप नियंत्रित स्तर पर लाने में सफलता मिली है.
आईईसी कोषांग के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ राहुल किशोर सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि स्वास्थ्य सहिया, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों और एएनएम की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है. विभाग अब जांच के साथ-साथ मरीजों के नियमित फॉलो-अप को और मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है, ताकि कोई भी मरीज बीच में दवा न छोड़े.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि 30 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद वर्ष में कम से कम एक बार अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर शुगर और बीपी की निशुल्क जांच अवश्य कराएं.
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