Ranchi: झारखंड में मॉनसून के आगमन से पहले सड़क परियोजनाओं के ज्यादातर हिस्सों को पूरा करने की कवायद तेज हो गई है. सड़क निर्माण विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण के अनुसार, चाईबासा और हजारीबाग अंचलों में विकास की रफ्तार अन्य शहरी केंद्रों से काफी अधिक दर्ज की गई है. हालांकि रांची, डाल्टनगंज व दुमका में निर्माण कार्य सुस्त है.
हजारीबाग अंचल में बुनियादी ढांचे के निर्माण में सबसे तीव्र गति देखी गई है. हजारीबाग लेक रोड परियोजना में 60 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. 7.55 किमी की यह परियोजना अप्रैल में 30% से बढ़कर मई में 90% भौतिक प्रगति पर पहुंच गई है.
दूसरी ओर, चाईबासा अंचल के निर्माण कार्यों में भी बड़ा उछाल आया है. चाईबासा-भरभरिया मुख्य सड़क (32.66 किमी) के निर्माण कार्य में 37 फीसदी की वृद्धि हुई है. अप्रैल के महज 12% से बढ़कर प्रगति दर मई में 49% पर पहुंच गया है. वहीं हवाई अड्डा (बाईपास) रोड (4.20 किमी) ने मई में 100% पूर्णता हासिल कर ली है और NH-33 (बांसदा) से पाथरा मार्ग (12.99 किमी) भी 95% प्रगति के साथ पूर्ण होने के करीब है.
हालांकि रांची अंचल में बड़ी परियोजनाओं पर काम की रफ्तार काफी धीमी रही. यहां विकास विद्यालय-नामकुम आरओबी चार-लेन मार्ग (15.21 किमी) अप्रैल के 81% से मई में 82% पर पहुंचा, यानी यहां महज 1% की मामूली वृद्धि दर्ज की गई.
वहीं बरियातू-लेम-बोरिया रोड (3.75 किमी) का कार्य अप्रैल के 29% से बढ़कर 35% हो सका है. डाल्टनगंज और दुमका अंचलों के मुख्य प्रोजेक्ट्स में काम पूरी तरह सुस्त रहा और यहां कोई वृद्धि नहीं देखी गई. डाल्टनगंज में जपला-नवीनगर मार्ग (14.90 किमी) अप्रैल और मई दोनों महीनों में 80% पर ही अटका रहा. दुमका अंचल में भी यही स्थिति रही, जहां चंद्रदीप से मोहनपुर मार्ग (15.33 किमी) दोनों महीनों में 99 पर बिना किसी बदलाव के रुका रहा, वहीं रानीबहाल-बालीराम मार्ग (14.52 किमी) का कार्य भी 92% प्रगति पर पूरी तरह सुस्त पड़ा रहा.
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