Ranchi : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य में चर्चों की संख्या और आदिवासी धार्मिक पहचान को लेकर सवाल उठाया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए पूछा कि जब आदिवासी समाज प्रकृति पूजक है, तो झारखंड में 5 हजार से अधिक चर्च क्यों बनाए गए हैं.
चंपाई सोरेन ने अपने पोस्ट में कहा कि क्या इन चर्चों में मरांग बुरु और सिंगबोंगा की पूजा होती है. उनके इस बयान के बाद राज्य में एक बार फिर डीलिस्टिंग और आदिवासी पहचान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है.
जब आदिवासी प्रकृति पूजक होते हैं तो झारखंड में 5,000+ चर्च क्यों बनाये गए हैं? वहां मरांग बुरु या सिंगबोंगा की पूजा होती है क्या? pic.twitter.com/4kzZfxmD6G
— Champai Soren (@ChampaiSoren) May 28, 2026
पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन लंबे समय से डीलिस्टिंग की मांग उठाते रहे हैं. उनके ताजा बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच भी इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी बढ़ गई है. भाजपा जहां सरना और सनातन को एक बताने की बात कर रही है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि सरना और सनातन अलग-अलग आस्था और परंपराएं हैं.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment