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Jharkhand News: 12 से अधिक जिलों में हुआ ‘जलवायु अखड़ा 2026’, विजेता प्रतिभागी हुए सम्मानित

Ranchi: झारखंड में जस्ट ट्रांजिशन, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसे मुद्दों को लेकर कार्यरत सारथी–झारखंड जस्ट ट्रांजिशन नेटवर्क ने गुरुवार को अपना पहला स्थापना दिवस मनाया. इस अवसर पर राज्य के 12 से अधिक जिलों में जिला स्तरीय ‘जलवायु अखड़ा 2026’ के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए.

 

रांची के अंगड़ा स्थित एसआरआई नेटवर्क के कार्यक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने पर्यावरण जागरूकता चित्रकारी प्रतियोगिता में शामिल छात्रों को सम्मानित किया. उन्होंने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ चलाए जा रहे जस्ट ट्रांजिशन अभियान के लिए सारथी नेटवर्क को शुभकामनाएं दीं. कार्यक्रम के दौरान समुदाय के साथ मिलकर जलवायु जागरूकता पदयात्रा भी निकाली गई, जिसमें समावेशी विकास और पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा हुई.

 

रांची सहित बोकारो, धनबाद, देवघर, गिरिडीह, चतरा, रामगढ़, खूंटी, दुमका, हजारीबाग, लातेहार और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में आयोजित इन कार्यक्रमों में सैकड़ों किसानों, पंचायत प्रतिनिधियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. बताया गया कि सारथी नेटवर्क के झारखंडभर में 43 पार्टनर्स हैं, जो लगभग सभी जिलों में कार्य कर रहे हैं.

 

‘रीच टू वैली’ मॉडल पर जोर

राज्यभर में आयोजित कार्यक्रमों में बायोमास एवं मृदा पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्स्थापन, देशज खाद्य प्रणाली को मजबूत बनाने, मृदा एवं जल संरक्षण, बाजार तक पहुंच और विभिन्न हितधारकों के लिए साझा मंच तैयार करने पर जोर दिया गया.

 

बोकारो की 35 ग्राम पंचायतों ने सारथी नेटवर्क के साथ मिलकर क्लाइमेट एक्शन प्लान तैयार करने का निर्णय लिया. इसके तहत ‘रीच टू वैली’ मॉडल के माध्यम से जल–जंगल–जमीन के संरक्षण और स्थानीय आजीविका को सशक्त करने की दिशा में काम किया जाएगा.

 

वैकल्पिक रोजगार पर हुई चर्चा

धनबाद में नवीकरणीय ऊर्जा और जस्ट ट्रांजिशन पर व्यापक चर्चा हुई, जबकि देवघर और गिरिडीह में ‘जलवायु अखड़ा’ के जरिए न्यायपूर्ण बदलाव और सामुदायिक भविष्य पर संवाद आयोजित किए गए.

रामगढ़ में बंद हो चुके कोलफील्ड क्षेत्रों के खनन प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक रोजगार की आवश्यकता पर जोर दिया गया. वहीं रांची के वन ग्रामों में ग्राम सभा की भूमिका पर चर्चा हुई और खूंटी में सतत खेती को लेकर जागरूकता रैली निकाली गई.

 

सारथी नेटवर्क के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह मंच झारखंड के विभिन्न सामाजिक संगठनों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है. नेटवर्क समुदायों को सशक्त बनाने, नीतिगत संवाद को बढ़ावा देने और जलवायु-संवेदनशील विकास मॉडल को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है. कार्यक्रमों का समापन राज्यभर में पौधारोपण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ किया गया.

 

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