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Jharkhand News : 10 दिनों में 35 बालू घाटों की लीज पूरी करने का निर्देश, अवैध खनन पर खान विभाग सख्त

झारखंड में अवैध बालू खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने को लेकर खान विभाग अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है. राज्यभर में लंबित बालू घाटों के संचालन और बढ़ते अवैध कारोबार को लेकर सोमवार को टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई.
 
  • 35 घाटों को संबंधित प्राधिकरणों मिला हुआ है क्लीयरेंस फिर भी डीसी नही कर रहे एग्रीमेंट

Ranchi : झारखंड में अवैध बालू खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने को लेकर खान विभाग अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है. राज्यभर में लंबित बालू घाटों के संचालन और बढ़ते अवैध कारोबार को लेकर सोमवार को टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई. 

 

बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त, जिला खनन पदाधिकारी समेत संबंधित अधिकारी शामिल हुए. इस दौरान आवंटित बालू घाटों की वर्तमान स्थिति और लंबित लीज प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा की गई.

 

बैठक में विभाग ने 17 जिलों के 35 बालू घाटों की लीज प्रक्रिया अगले 10 दिनों के भीतर पूरी करने का सख्त निर्देश दिया. सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान एक जिले के उपायुक्त ने लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने में असमर्थता जताई.

 

हालांकि विभागीय स्तर पर स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बाद अधिकांश जिलों के उपायुक्तों ने निर्धारित समयसीमा के भीतर लीज एग्रीमेंट पूरा कर सफल बोलीदाताओं को बालू घाट सौंपने पर सहमति दे दी.

 

जानकारी के अनुसार राज्य में कुल 298 बालू घाटों की टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है. इनमें से 35 घाटों को वन विभाग एवं अन्य संबंधित प्राधिकरणों से आवश्यक क्लीयरेंस भी प्राप्त हो चुका है. इसके बावजूद कई जिलों में प्रशासनिक स्तर पर लीज एग्रीमेंट जारी नहीं होने के कारण बालू घाटों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है.

 

सूत्र बताते हैं कि 298 बालू घाटों के एवज में सफल बोलीदाताओं द्वारा सरकार के पास करीब 1700 करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं. इसके बावजूद वैध रूप से बालू घाट चालू नहीं होने से राज्य में निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर अवैध बालू कारोबार से जुड़े तत्व इस स्थिति का फायदा उठाकर सक्रिय बने हुए हैं.

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