Ranchi : झारखंड में सत्तारूढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री राधा कृष्णा किशोर ने अपनी ही पार्टी के फैसलों और कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. उनके बयान से प्रदेश कांग्रेस के भीतर की असहमति खुलकर सामने आई है.
किशोर ने के. राजू को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी में दोहरे मापदंड दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि बड़कागांव क्षेत्र के नेता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को तीन वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया, जबकि रमा खलको को, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से पार्टी और नेतृत्व की आलोचना की थी, चुनाव प्रबंध समिति का सदस्य बना दिया गया.
उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बन रही है और पार्टी की अंदरूनी नीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं. एक ही दल के नेताओं के साथ अलग-अलग व्यवहार संगठन को कमजोर कर सकता है.
वित्त मंत्री ने 81 सीटों वाली झारखंड विधानसभा के लिए 314 सदस्यों की बड़ी समिति के गठन पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि इतनी बड़ी समिति कितनी प्रभावी होगी, यह समय बताएगा.
किशोर ने यह भी कहा कि हाल के चुनाव परिणामों से प्रदेश कांग्रेस को सबक लेने की जरूरत है. उन्होंने सुझाव दिया कि जंबो समिति के बजाय प्रदेश नेतृत्व को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाए, तभी संगठन को मजबूत किया जा सकता है.
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