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Jharkhand News : JTET में भोजपुरी, मगही व अंगिका को जोड़ने पर आखिरी मंथन, जल्द होगा बड़ा फैसला

झारखंड में चल रहे भाषा विवाद और JTET सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री द्वारा गठित पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति की दूसरी और संभावित अंतिम बैठक शुक्रवार को संपन्न हो गई.
 

Ranchi :  झारखंड में चल रहे भाषा विवाद और JTET सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री द्वारा गठित पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति की दूसरी और संभावित अंतिम बैठक शुक्रवार को संपन्न हो गई.

 

बैठक के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि समिति की कार्यवाही रिपोर्ट अगले 2-3 दिनों में मुख्यमंत्री और कैबिनेट को सौंप दी जाएगी, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा. 

 

बैठक में प्रतियोगी परीक्षाओं के भाषा पैटर्न को लेकर गंभीर चर्चा हुई. समिति के कई सदस्यों ने वर्तमान व्यवस्था पर आपत्ति जताई, जिसमें परीक्षा के पार्ट-2 में 15 जनजातीय भाषाओं में से किसी एक का चयन अनिवार्य किया गया है. सदस्यों का कहना था कि गढ़वा, पलामू, चतरा जैसे जिलों में नागपुरी समेत कई जनजातीय भाषाओं के बोलने वालों की संख्या बेहद कम है, ऐसे में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा से बाहर हो सकते हैं.

 

बैठक में भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका भाषाओं को JTET एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल करने की मांग जोरदार तरीके से उठी. सदस्यों ने कहा कि झारखंड के सीमावर्ती जिलों में लाखों लोग इन भाषाओं का उपयोग करते हैं और वर्ष 2012 व 2019 की अधिसूचनाओं में भी भोजपुरी, मैथिली और अंगिका को शामिल किया गया था. मैथिली को राज्य की दूसरी राजभाषा बताते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था से भी जोड़ा गया.

 

इस दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने समिति में जनजातीय और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व नहीं होने का मुद्दा भी उठाया. हालांकि यह स्पष्ट किया गया कि समिति का गठन और विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. 

 

बैठक में यह भी कहा गया कि झारखंड की पहचान सभी भाषाओं और समुदायों के सम्मान से बनती है. जनजातीय भाषाओं के साथ-साथ भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका बोलने वाले लोगों की भाषाई पहचान को भी सम्मान मिलना चाहिए, ताकि “झारखंड एक सुंदर गुलदस्ता” बन सके.

 

अब सभी सदस्यों की सहमति और असहमति के बिंदुओं को रिपोर्ट में शामिल कर अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री और कैबिनेट के पास भेजा जाएगा.

 

 

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