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Jharkhand News : नौ महीने में शीर्ष पदों पर बैठे चार अफसरों का इस्तीफा

राज्य में पिछले नौ महीने के दौरान शीर्ष पदों पर बैठे चार अधिकारियों ने इस्तीफा दिया है. इनमें से दो के इस्तीफे का कारण संस्थान में सीआईडी की जांच से संबंधित है. जबकि शीर्ष पदों पर बैठे दो लोगों के इस्तीफे का कारण अब तक रहस्य बना हुआ है.
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झारखंड की खबरें

Ranchi :  राज्य में पिछले नौ महीने के दौरान शीर्ष पदों पर बैठे चार अधिकारियों ने इस्तीफा दिया है. इनमें से दो के इस्तीफे का कारण संस्थान में सीआईडी की जांच से संबंधित है. जबकि शीर्ष पदों पर बैठे दो लोगों के इस्तीफे का कारण अब तक रहस्य बना हुआ है.

 

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तत्कालीन डीजीपी अनुराग गुप्ता

 

राज्य के तत्कालीन डीजीपी ने चार नवंबर 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. रिटायरमेंट के बाद अनुराग गुप्ता को डीजीपी बनाने के लिए सरकार ने नया डीजीपी नियुक्ति नियमावली बनायी थी. उनकी नियुक्ति पर कानूनी विवाद उभरा. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे राजीनितक मुद्दा बताते हुए खारिज कर दिया. 

 

सरकार द्वारा बनायी गयी नियमावली की वैधता पर अभी कानूनी विवाद कायम है. केंद्र सरकार ने अनुराग गुप्ता को रिटायटमेंट के बाद सेवा विस्तार का लाभ नहीं देने का हवाला देते हुए डीजीपी के पद से हटाने का आदेश सरकार को दिया.

 

लेकिन राज्य सरकार ने इसे अस्वीकार कर दिया. बाद में अनुराग गुप्ता का इस्तीफा ले लिया. इस्तीफे का कारण अब तक रहस्य बना हुआ है. लेकिन इस्तीफे के कारणों पर अलग-अलग तरह की चर्चा जारी है.

 

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तत्कालीन महाधिवक्ता राजीव रंजन

 

इसके बाद राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने 14 जून 2026 को सुबह अपने पद से इस्तीफा दे दिया. सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में राजीव रंजन को महाधिवक्ता नियुक्त करने से संबंधित अधिसूचना जारी नहीं थी. फिर भी वह महाधिवक्ता के रूप में कार्यरत थे. 

 

न्यायालयों में महाधिवक्ता के रूप में राज्य सरकार का पक्ष पेश करते थे. कानूनी सलाह के लिए सरकारी फाइलें उनके पास भेजी जाती थीं. लेकिन अचानक उनका भी इस्तीफा हो गया. महाधिवक्ता के इस्तीफे के वास्तविक कारणों के अब तक पता नहीं चला है. उन्होंने इस्तीफा का कारण व्यक्तिगत व निजी बताया था.

 

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रिम्स के तत्कालीन निदेशक डॉक्टर राजकुमार

 

तीसरा इस्तीफा रिम्स के निदेशक डॉक्टर राजकुमार का है. उन्होंने रिम्स में सीआईडी की जांच के बाद इस्तीफा दिया था. हालांकि सरकार के साथ उनका काफी लंबे समय से विवाद चल रहा था. सरकार ने एक बार उन्हें पद से हटा दिया था. लेकिन कोर्ट के आदेश के आलोक में वह निदेशक के पद पर वापस आ गये थे.

 

इसके बाद रिम्स के टेंडर में गड़बड़ी और फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे एडमिशन के मामले की जांच के लिए रिम्स पहुंची सीआईडी ने उनसे पूछताछ की. इसके बाद उन्होंने 25 जून 2026 को इस्तीफा दे दिया. 

 

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JPSC के अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते

 

सीआईडी जांच के बाद इस्तीफा देने वालों में राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते का नाम है. आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में गड़बड़ी और ब्लैक लिस्टेड कंपनी को परीक्षा का सारा काम देने के आरोप में सीआईडी ने आयोग के कार्यालय पर छापा मारा. 

 

देर रात तक आयोग के अधिकारियों को कार्यालय परिसर से बाहर नहीं जाने दिया. असिस्टेंट एक्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता सहित कई को हिरासत में लिया. इसके बाद 22 जुलाई यानी आज आयोग के अध्यक्ष का इस्तीफा भी राज्यपाल सचिवालय पहुंचा.

 

 

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