Search

 
 
 

Jharkhand News : स्वास्थ्य परियोजनाओं को नई रफ्तार, PM-ABHIM के तहत 50 करोड़ का राज्यांश जारी

झारखंड सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) के तहत 50 करोड़ रुपये का राज्यांश जारी किया है.
 
झारखंड की खबरें

Ranchi :  झारखंड सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) के तहत 50 करोड़ रुपये का राज्यांश जारी किया है. 

 

यह राशि केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत योजनाओं के लिए राज्य के मैचिंग शेयर के रूप में दी गई है. इस संबंध में 3 जुलाई को अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने आदेश जारी किया. 

 

राशि की निकासी व खर्च की जिम्मेदारी निदेशक प्रमुख को

सरकार के अनुसार, इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने, अस्पतालों में नई सुविधाएं विकसित करने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं समेत अन्य चिकित्सा परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए किया जाएगा. राशि की निकासी SNA SPARSH प्रणाली के तहत भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के माध्यम से जरूरत के अनुसार की जाएगी. 

 

इससे योजनाओं के लिए समय पर फंड उपलब्ध कराया जा सकेगा. राज्य मुख्यालय में इस राशि की निकासी और खर्च की जिम्मेदारी निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं को दी गई है. वहीं जिलों में संबंधित सिविल सर्जन राशि का आहरण और व्यय करेंगे. पूरी योजना की निगरानी स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव करेंगे.

 

PM-ABHIM की ऑपरेशनल गाइडलाइन के अनुसार होंगे सभी कार्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी कार्य PM-ABHIM की ऑपरेशनल गाइडलाइन के अनुसार होंगे. किसी अन्य योजना के साथ कार्यों का दोहराव नहीं किया जाएगा. निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के उच्च मानकों का पालन करना होगा और संबंधित अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार होंगे. 

 

सरकार ने उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर जमा करने के भी निर्देश दिए हैं. सभी सिविल सर्जन और निदेशक प्रमुख खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक को देंगे. इसके बाद अभियान निदेशक भारत सरकार और महालेखाकार को उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजेंगे. योजना से जुड़े सभी खर्च और रिकॉर्ड का ऑडिट भारतीय अंकेक्षण एवं लेखा विभाग और राज्य वित्त विभाग कर सकेंगे.

 

जिलावार आवंटन

- राज्य मुख्यालय रांची को सबसे अधिक 19.21 करोड़ रुपये मिले हैं.

- बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, पलामू, पूर्वी सिंहभूम, रांची जिला और पश्चिमी सिंहभूम को 2-2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

- पाकुड़ और गोड्डा को 1.40-1.40 करोड़ रुपये दिए गए हैं. चतरा को 1.20 करोड़ रुपये मिले हैं. गिरिडीह को विभिन्न मदों को मिलाकर करीब 2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

- साहेबगंज, रामगढ़, खूंटी, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां और गढ़वा को 1-1 करोड़ रुपये मिले हैं.

- इसके अलावा दुमका को 76 लाख रुपये, गुमला और लातेहार को 80-80 लाख रुपये, देवघर को 60 लाख रुपये, लोहरदगा को 32.80 लाख रुपये, कोडरमा को 30 लाख रुपये और जामताड़ा को 20 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही