Ranchi : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सह सचिव रोहित पोद्दार के नेतृत्व में राज्यभर के औद्योगिक क्षेत्रों में चलाए जा रहे विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान सामने आई समस्याओं को लेकर बुधवार को होटल रेडिसन ब्लू में उद्योग सचिव अरवा राजकमल और जियाडा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई.
करीब दो घंटे तक चली बैठक में उद्योग सचिव ने विभिन्न जिलों से आए उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए.
बैठक में देवघर, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग एवं बरही औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमी शामिल हुए. इस दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर, भूमि आवंटन के बाद पजेशन में देरी, अप्रोच रोड, बिजली कटौती, ड्रेनेज, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
झारखंड चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा और सह सचिव रोहित पोद्दार ने निरीक्षण अभियान के दौरान सामने आई समस्याओं को क्रमवार उद्योग सचिव एवं जियाडा प्रबंधन के समक्ष रखा. उद्यमियों ने बताया कि कई क्षेत्रों में वर्षों पहले भूमि आवंटित होने के बावजूद अब तक पजेशन नहीं मिल पाया है, जिससे उद्योग स्थापना प्रभावित हो रही है और निवेशकों की पूंजी फंसी हुई है. साथ ही कई इंडस्ट्रियल एरिया में सड़क, ड्रेनेज, बिजली एवं जलापूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति खराब है. सब्सिडी से जुड़े मुद्दे भी बैठक में उठाए गए.
उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस पिकेट, अलग विद्युत फीडर तथा नियमित मॉनिटरिंग की मांग रखी. बैठक में देवीपुर स्थित प्लास्टिक पार्क को जल्द चालू करने और पूर्व से आवंटित 36 प्लॉट की प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी करने की मांग भी की गई. साथ ही शेष प्लॉटों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने तथा प्लग एंड प्ले मॉडल पर प्लास्टिक उद्योग विकसित करने का सुझाव दिया गया.
उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील है और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने जसीडीह फेज-1 स्थित बीएसएनएल के बंद पड़े कार्यालय के आवंटन को रद्द कर उक्त भूमि को अन्य उद्यमियों को आवंटित करने की दिशा में कार्रवाई करने की बात कही. उन्होंने यह भी कहा कि जियाडा के क्षेत्रीय कार्यालयों को हर महीने स्थानीय चैंबर प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया जाएगा, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके.
जियाडा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन ने बताया कि जल्द ही यूनिफाइड आईपी सिस्टम लॉन्च किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक अलॉटी का अलग अकाउंट होगा. इस ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से भूमि से संबंधित सभी विवरण, एनओसी, शिकायत पंजीकरण और निपटारा जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी. उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और उद्यमियों को विभागीय प्रक्रियाओं में सहूलियत मिलेगी.
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भूमि पजेशन से जुड़ी समस्याएं वास्तविक हैं और इनके समाधान के लिए नया रेगुलेशन लाया जा रहा है. साथ ही डीओपी वर्डिंग में बदलाव की प्रक्रिया भी चल रही है, ताकि भविष्य में प्रोजेक्ट या बिजनेस नेचर बदलने में उद्यमियों को दिक्कत न हो. जलापूर्ति और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया गया.
बैठक में चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, राम बांगड़, सह सचिव नवजोत अलंग, रोहित पोद्दार, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विनय अग्रवाल, आलोक मल्लिक, गोपालकृष्ण शर्मा, मंजीत साहनी, बिनोद अग्रवाल, पीके गर्ग, पंकज भालोटिया, रवि गाड़ोदिया सहित कई उद्यमी उपस्थित थे.
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