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Jharkhand News: माओवादी प्रभावित रेल मार्गों की ड्रोन से हो रही निगरानी, AI से जोड़ने की तैयारी

भारतीय रेलवे ने झारखंड के माओवादी प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है. रेलवे पटरियों, मुख्य पुलों और सुरंगों की सुरक्षा के लिए ड्रोन तैनात कर दिए गए हैं. यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है. इससे पहले इन इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह आरपीएफ और जिला पुलिस की जमीनी गश्त पर निर्भर थी. अब ड्रोन कैमरों के जरिए आसमान से भी पैनी नजर रखी जा रही है.
 
झारखंड की खबरें

Ranchi: भारतीय रेलवे ने झारखंड के माओवादी प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है. रेलवे पटरियों, मुख्य पुलों और सुरंगों की सुरक्षा के लिए ड्रोन तैनात कर दिए गए हैं. यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है. इससे पहले इन इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह आरपीएफ और जिला पुलिस की जमीनी गश्त पर निर्भर थी. अब ड्रोन कैमरों के जरिए आसमान से भी पैनी नजर रखी जा रही है.

 

 

आरपीएफ को अब इन ड्रोनों से सीधे लाइव वीडियो फीड और तस्वीरें मिल रही हैं. इस फुटेज की निगरानी के लिए एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष बनाया गया है. यदि पटरियों के आसपास कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखती है, तो तुरंत कार्रवाई होगी. इसके लिए आरपीएफ, स्थानीय पुलिस, जीआरपी और केंद्रीय बलों के बीच मजबूत तालमेल बनाया गया है. चक्रधरपुर-मनोहरपुर रेल खंड पर लगातार हवाई निगरानी और जमीनी चौकसी की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, यह हवाई निगरानी आगे भी जारी रहेगी. इसके साथ ही भविष्य में ड्रोन के साथ एआई (AI) सक्षम स्मार्ट कैमरे जोड़ने की भी योजना है. इससे घने जंगलों और अंधेरी सुरंगों की रियल-टाइम निगरानी और बेहतर तरीके से हो सकेगी.

 

इस क्षेत्र में पहले भी माओवादी हमलों के कारण रेल परिचालन प्रभावित होता रहा है. पिछले साल 2 अगस्त 2025 को पश्चिम सिंहभूम के करमपदा और रेंगड़ा के बीच नक्सलियों ने आईईडी (IED) ब्लास्ट किया था. इस हमले में एक रेल कर्मचारी की मौत हो गई थी और एक अन्य घायल हुआ था. इससे पहले 22 दिसंबर 2023 को भी नक्सलियों ने महादेवसाल और पोसोइता के बीच रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया था. उस समय हावड़ा-मुंबई मार्ग की एक दर्जन से अधिक ट्रेनों को रद्द करना पड़ा था. इन सभी पुरानी घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा बलों ने आधुनिक तकनीक से सुरक्षा चक्र को मजबूत बनाने का प्रयास शुरू कर दिया है.

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