- 15-20 दिन का आश्वासन पूरा नहीं होने पर बढ़ा आक्रोश
Ranchi News : झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मंगलवार से चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है. संघ की ओर से कहा गया है कि सरकार ने मांगों के समाधान के लिए 15-20 दिनों का समय दिया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
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इसको लेकर 6 अक्टूबर को धुर्वा, रांची में संघ की बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने की और संचालन प्रदेश महामंत्री सूरज साहू ने किया. बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं और आगे के आंदोलन को लेकर चर्चा हुई.
कर्मचारियों का आरोप है कि 25 मई 2026 को स्वास्थ्य विभाग ने सम्मान फाउंडेशन का टेंडर रद्द कर दिया था. इसके बावजूद 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन उसी कंपनी के माध्यम से जारी है. कर्मचारियों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.
वेतन और दूसरे अधिकारों को लेकर भी कर्मचारियों ने शिकायत की है. उनका आरोप है कि समय पर वेतन नहीं मिलता और वेतन में कटौती की जाती है. साथ ही EPF, ESI, ओवरटाइम और ग्रेच्युटी जैसे वैधानिक अधिकारों से भी कर्मचारियों को परेशानी हो रही है.
16 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में कर्मचारियों की मांगों को लेकर बैठक हुई थी. संघ के अनुसार, इसमें 15-20 दिनों के अंदर मांगों पर विचार कर समाधान का आश्वासन दिया गया था. समय-सीमा खत्म होने के बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारी नाराज हैं.
संघ के प्रदेश महामंत्री सूरज साहू ने कहा कि बार-बार बातचीत और आश्वासन के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है. अब केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा. उन्होंने सरकार से लंबित मांगों पर जल्द ठोस और समयबद्ध फैसला लेने की मांग की.
संघ ने 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की सभी समस्याओं के समाधान के साथ वेतन, EPF, ESI, ओवरटाइम और ग्रेच्युटी सहित अन्य श्रम अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की है. साथ ही एंबुलेंस सेवा के संचालन के लिए स्पष्ट और स्थायी व्यवस्था करने की मांग की गई है.
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