Ranchi : झारखंड सरकार ने राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (APHC) को बेहतर बनाने के लिए 13 करोड़ 4 लाख 58 हजार 500 रुपये की राशि जारी की है. यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवंटित की गई है.
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इस राशि का उपयोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की जरूरतों को पूरा करने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा.
विभाग ने दवाओं की खरीद और उपलब्धता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए हैं. अस्पतालों को अगले चार महीने की जरूरत और मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए दवाओं की खरीद करने को कहा गया है. साथ ही सांप काटने और कुत्ता काटने के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं हर समय उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि खरीदी जाने वाली दवाओं की शेल्फ लाइफ कम से कम 80 प्रतिशत होनी चाहिए, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं मिल सकें. मरीजों और आम लोगों की सुविधा के लिए अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं की सूची किसी प्रमुख स्थान पर लगाना अनिवार्य किया गया है. इससे लोगों को यह जानकारी आसानी से मिल सकेगी कि अस्पताल में कौन-कौन सी दवाएं उपलब्ध हैं.
दवाओं की उपलब्धता की निगरानी के लिए सिविल सर्जन एक वरीय चिकित्सा पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी नियुक्त करेंगे. यह पदाधिकारी नियमित निगरानी करेंगे और हर महीने रिपोर्ट भेजेंगे. दवाओं की खरीद ई-टेंडर या जेम पोर्टल के माध्यम से सभी निर्धारित नियमों का पालन करते हुए की जाएगी.
इसके अलावा तेजी से उपयोग होने वाली 60 प्रमुख दवाओं का 25 प्रतिशत बफर स्टॉक हमेशा अस्पतालों में रखना अनिवार्य किया गया है. सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना और मरीजों को समय पर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना है. स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल सर्जनों को इन निर्देशों का पूरी पारदर्शिता के साथ पालन सुनिश्चित करने को कहा है.
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