Ranchi: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और जिला अस्पतालों में संचालित डायलिसिस कार्यक्रम के लिए 4 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. यह राशि पीपीपी मोड पर कार्यरत निजी एजेंसियों को मरीजों के इलाज पर हुए खर्च के भुगतान के लिए दी जाएगी.
राज्य में डायलिसिस सेवाएं दो एजेंसियों के माध्यम से संचालित की जा रही हैं. बोकारो, हजारीबाग, दुमका, डाल्टनगंज, जमशेदपुर, चाईबासा, धनबाद और सिमडेगा के सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में DCDC हेल्थ सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड सेवाएं दे रही है. वहीं शेष 16 जिलों के जिला अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों में यह जिम्मेदारी ESKAG Sanjivani Pvt. Ltd. को दी गई है.
स्वीकृत राशि की निकासी और खर्च की जिम्मेदारी संबंधित मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक या जिले के सिविल सर्जन की होगी. साथ ही निकासी एवं व्यय पदाधिकारी को हर महीने की 10 तारीख तक उपयोगिता प्रमाण पत्र विभाग और महालेखाकार को देना अनिवार्य होगा.
इस प्रस्ताव को विभागीय मंत्री और आंतरिक वित्तीय सलाहकार की सहमति मिल चुकी है. सरकार के इस फैसले से राज्य के सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों को डायलिसिस सेवाएं लगातार मिलती रहेंगी और उन्हें राहत मिलेगी.
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