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Jharkhand News : 6 घाटों में शनिवार से शुरू हो सकता है बालू उठाव, 6 नए घाटों को मिली EC

झारखंड में लंबे समय से चल रहे बालू संकट के बीच लोगों को राहत मिलने वाली है. रांची, बोकारो और पूर्वी सिंहभूम जिले के छह बालू घाटों से शनिवार से वैध रूप से बालू उठाव शुरू होने की संभावना है. संबंधित घाटों के संचालन के लिए ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ (CTO) मिल चुका है और अन्य औपचारिकताएं भी लगभग पूरी कर ली गई हैं.
 
  • 6 बालू घाटों को मिला ‘कंसेंट टू ऑपरेट’
  • 299 घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी
  • 145 घाटों की नीलामी अब भी लंबित
  • 35 घाटों को पर्यावरणीय मंजूरी (EC) मिली
  • 21 घाटों की लीज डीड प्रक्रिया पूरी

Ranchi :   झारखंड में लंबे समय से चल रहे बालू संकट के बीच लोगों को राहत मिलने वाली है. रांची, बोकारो और पूर्वी सिंहभूम जिले के छह बालू घाटों से शनिवार से वैध रूप से बालू उठाव शुरू होने की संभावना है. संबंधित घाटों के संचालन के लिए ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ (CTO) मिल चुका है और अन्य औपचारिकताएं भी लगभग पूरी कर ली गई हैं.

 

राज्य में कुल 444 बालू घाट चिह्नित किए गए हैं. इनमें से 299 घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. जबकि 145 घाटों की नीलामी अब भी लंबित है. फिलहाल 35 घाटों को पर्यावरणीय मंजूरी (EC) मिल चुकी है. इनमें 21 घाटों की लीज डीड की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.

 

इसके अलावा छह नए घाटों को भी पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने की जानकारी सामने आई है. खान विभाग ने सभी लीजधारकों को निर्देश दिया है कि 10 जून से लागू होने वाली एनजीटी की मॉनसून रोक से पहले अधिक से अधिक मात्रा में बालू का भंडारण कर लें, ताकि बरसात के दौरान निर्माण कार्य प्रभावित न हो और बाजार में बालू की कमी न हो.

 

इन घाटों से शुरू होगा बालू उठाव

रांची के श्यामनगर और चोकेसोरेंग बालू घाट से शनिवार से बालू उठाव शुरू हो सकता है. श्यामनगर घाट करीब पांच हेक्टेयर और चोकेसोरेंग घाट 3.50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है. दोनों घाटों का संचालन समर्थ एंड प्रोटेक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाएगा.

 

वहीं बोकारो जिले के पिचड़ी-2 और खेतको चलकारी बालू घाट से भी बालू का परिवहन शुरू होने की संभावना है. इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम जिले के कोरेयामोहनपाल और स्वर्णरेखा बालू घाट से भी  उठाव शुरू किया जा सकता है.

 

अगले सप्ताह 17 और घाट हो सकते हैं चालू

अधिकारियों के अनुसार, राज्य में 35 बालू घाट ऐसे हैं, जहां ग्रामसभा समेत अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और उन्हें पहले से पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त है. इनमें से कई घाटों के लिए सीटीई और सीटीओ की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. संभावना जताई जा रही है कि अगले सप्ताह 17 और घाटों से उठाव शुरू हो सकता है.

10 जून से लागू होगी एनजीटी की रोक

हर साल की तरह इस बार भी मॉनसून अवधि में बालू खनन और उठाव पर रोक लागू की जाएगी. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशानुसार, 10 जून से 15 अक्टूबर तक बालू खनन और परिवहन पर प्रतिबंध रहेगा.

 

 

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