Ranchi : झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग के रांची रोड सर्किल की अप्रैल व मई की प्रगति रिपोर्ट में विकास की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आई हैं. एक ओर कुछ सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं में काम तेज हुआ है, वहीं कई महत्वपूर्ण योजनाएं अब भी शून्य पर अटकी हुई हैं.
रांची डिवीजन की न्योरी विकास विद्यालय से नामकुम आरओबी तक फोर लेन सड़क परियोजना में प्रगति 81 प्रतिशत से बढ़कर 82 प्रतिशत हो गई है. वहीं, बहू बाजार-पटेल चौक फ्लाईओवर परियोजना में भी कार्य आगे बढ़ा है. सबसे उल्लेखनीय प्रगति राजस्व परिषद की अप्रोच रोड परियोजना में दर्ज की गई, जहां एक महीने के भीतर प्रगति 60 से बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच गई.
गुमला डिवीजन में कुमहारी-गुमला सड़क उन्नयन परियोजना ने सबसे बड़ी प्रगति दर्ज की है. इस योजना की भौतिक प्रगति 50 प्रतिशत से बढ़कर 73 प्रतिशत हो गई. साथ ही इस परियोजना पर खर्च में भी ढाई गुना से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे संकेत मिलता है कि विभाग ने कुछ लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए कार्य में तेजी लाई है.
हालांकि, कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्थिति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है. राजधानी की प्रमुख दुर्गा सोरेन चौक-रामपुर रिंग रोड फोरलेन परियोजना अप्रैल व मई दोनों महीनों में शून्य प्रगति पर रही. इसके अलावा मंदार-बुरमू सड़क, कुमहारिया मोड़-संग्रामपुर सड़क पुनर्निर्माण योजना तथा खुंटी-टोरपा-कोलेबिरा मार्ग पर प्रस्तावित कोयल नदी पुल परियोजना में भी कोई उल्लेखनीय गतिविधि दर्ज नहीं की गई.
रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि रांची रोड सर्किल में परियोजनाओं की प्रगति एक समान नहीं है. जहां कुछ योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, वहीं कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं अब भी गति नहीं पकड़ सकी हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब कुछ परियोजनाओं में तेजी लाई जा सकती है तो अन्य योजनाएं लंबे समय से ठप क्यों हैं.
प्रगति रिपोर्ट से साफ संकेत मिलता है कि सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में अपेक्षित परिणाम हासिल करने के लिए विभाग को लंबित परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने और उनके क्रियान्वयन में तेजी लाने की जरूरत है.
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