Ranchi : रांची यूनिवर्सिटी में गंभीर वित्तीय उत्पन्न हो गया है. मार्च 2026 के बाद से राज्य सरकार की ओर से वेतन और पेंशन मद में राशि नहीं मिलने के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन को अपने आंतरिक संसाधनों के सहारे भुगतान करना पड़ रहा है. लगातार कई महीनों तक इसी व्यवस्था के तहत खर्च उठाने के बाद अब विश्वविद्यालय की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है.
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, शिक्षकों, कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनधारियों को नियमित भुगतान बनाए रखने के लिए अब तक बड़ी राशि आंतरिक कोष से खर्च की जा चुकी है. जानकारी के मुताबिक, हर महीने वेतन और पेंशन पर करीब 25 करोड़ रुपये का खर्च आता है.
रांची यूनिवर्सिटी के अधीन 13 अंगीभूत कॉलेज, 30 स्नातकोत्तर विभाग और विभिन्न प्रशासनिक इकाइयां संचालित होती हैं. इन संस्थानों से जुड़े करीब 2500 से अधिक शिक्षक, कर्मचारी और पेंशनभोगी इस भुगतान व्यवस्था पर निर्भर हैं.
विश्वविद्यालय प्रशासन ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया है और जल्द अनुदान जारी करने का आग्रह किया है. प्रशासन का कहना है कि यदि समय पर राशि उपलब्ध नहीं कराई गई तो आने वाले समय में वेतन और पेंशन भुगतान प्रभावित हो सकता है.
इस वित्तीय संकट का असर केवल मुख्यालय तक सीमित नहीं है. अल्पसंख्यक कॉलेजों सहित अन्य संबद्ध संस्थानों में भी शिक्षकों और कर्मचारियों के भुगतान में देरी की स्थिति बताई जा रही है, जिससे आर्थिक कठिनाइयां बढ़ रही हैं.
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