Ranchi : राज्य की उच्च शिक्षा नीतियों को लेकर आज रांची विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार में छात्रों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. विभिन्न कॉलेजों के छात्रों ने आइसा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया. छात्रों ने आरोप लगाया कि राज्य में लागू किए जा रहे कुछ फैसले छात्रों के हितों के खिलाफ हैं और इससे उच्च शिक्षा तक पहुंच सीमित हो सकती है.
18 कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई बंद करने की तैयारी का विरोध
छात्रों ने रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 18 कॉलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर नामांकन और पढ़ाई बंद किए जाने की संभावित प्रक्रिया का विरोध किया. उनका कहना है कि इस फैसले से सिमडेगा, खूंटी, बुंडू सहित दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा.
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए रांची आकर पढ़ाई करना आसान नहीं है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर पीजी की सुविधा समाप्त होने से पढ़ाई बीच में छोड़ने की स्थिति बढ़ सकती है. छात्राओं ने भी कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के अवसर कम होने से महिला शिक्षा प्रभावित होगी.
बीआईटी मेसरा में स्टेट कोटा समाप्त करने पर नाराजगी
प्रदर्शन का दूसरा बड़ा मुद्दा बीआईटी मेसरा में झारखंड के छात्रों के लिए पहले से लागू 50 प्रतिशत स्टेट कोटा समाप्त किए जाने से जुड़ा रहा. छात्रों का दावा है कि अब नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह केंद्रीय स्तर पर संचालित होगी.
छात्रों ने यह भी कहा कि इससे स्थानीय छात्रों के अवसर कम होंगे और कुछ सामाजिक वर्गों को मिलने वाले आरक्षण लाभ पर भी असर पड़ सकता है. छात्रों ने संस्थान की स्थापना में स्थानीय योगदान का उल्लेख करते हुए राज्य के विद्यार्थियों के लिए विशेष अवसर बनाए रखने की मांग की.
क्लस्टर सिस्टम वापस लेने की मांग
छात्रों ने राज्य में लागू किए जा रहे क्लस्टर सिस्टम का भी विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग उठाई. उनका कहना है कि इससे छात्रों की शैक्षणिक प्रक्रिया जटिल हो रही है.
छात्रों ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि 18 कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई जारी रखी जाए, बीआईटी मेसरा में स्टेट कोटा बहाल किया जाए और क्लस्टर सिस्टम पर पुनर्विचार किया जाए.
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