Ranchi : शिल्पी नेहा तिर्की ने झारखंड में सरना, सनातन और डीलिस्टिंग को लेकर चल रही राजनीति पर भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है, किसी दल या व्यक्ति विशेष के फरमान से नहीं. उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को अपनी आस्था और धर्म मानने का अधिकार देता है और यही देश की लोकतांत्रिक ताकत है.
मंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस धार्मिक मुद्दों के जरिए समाज को बांटने और आदिवासी समुदायों को आपस में लड़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि जल, जंगल और जमीन पर कॉरपोरेट कब्जे का रास्ता साफ हो सके.
उन्होंने ओडिशा के नियमगिरि और सीजिमाली पहाड़ी और छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य का उदाहरण देते हुए कहा कि खनन परियोजनाओं के नाम पर आदिवासियों की जमीन और संस्कृति पर हमला किया जा रहा है.
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड की धरती नफरत और धार्मिक उन्माद की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी. राज्य की जनता जल, जंगल, जमीन और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट है और अपनी पहचान व अधिकारों पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं करेगी.
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