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Jharkhand : क्लस्टर सिस्टम पर सरकार के पुनर्विचार का NSUI ने किया स्वागत, छात्र हित की जीत बताया

Ranchi : झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित क्लस्टर सिस्टम पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा पुनर्विचार एवं संशोधन के निर्देश दिए जाने का एनएसयूआई ने स्वागत किया है. संगठन ने इसे छात्र हित में लिया गया सकारात्मक निर्णय बताते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों की व्यावहारिक समस्याओं, ग्रामीण क्षेत्रों की चुनौतियों और छात्राओं की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को गंभीरता से लिया है.

 

एनएसयूआई ने कहा कि क्लस्टर सिस्टम को लेकर संगठन ने लगातार विभिन्न स्तरों पर अपनी आपत्तियां और सुझाव रखे थे. पार्टी फोरम, विश्वविद्यालय प्रशासन, राज्यपाल और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री के समक्ष छात्रों की चिंताओं को मजबूती से उठाया गया. इसके साथ ही विभिन्न कॉलेजों में आंदोलन, ज्ञापन और संवाद कार्यक्रम आयोजित कर इस व्यवस्था पर पुनर्विचार एवं संशोधन की मांग की गई थी.

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एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष बिनय उरांव ने कहा कि किसी भी शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों को सुविधा प्रदान करना होना चाहिए, न कि उनकी परेशानियां बढ़ाना. उन्होंने कहा कि क्लस्टर सिस्टम को लेकर छात्रों के बीच जो व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही थीं, उन्हें सरकार तक पहुंचाने का कार्य एनएसयूआई ने लगातार किया. सरकार द्वारा छात्र हित को प्राथमिकता देते हुए पुनर्विचार का निर्णय लिया जाना स्वागतयोग्य है.

 

वहीं, रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष अधिवक्ता कैफ अली ने कहा कि ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए विषय आधारित अलग-अलग कॉलेजों में जाकर पढ़ाई करना आसान नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले छात्रों की वास्तविक परिस्थितियों और जमीनी चुनौतियों को समझना आवश्यक है. सरकार द्वारा संशोधन का निर्देश दिया जाना छात्र हित में महत्वपूर्ण कदम है.

 

एनएसयूआई ने कहा कि यह उपलब्धि संगठन के कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं और नेतृत्व के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है. संगठन ने दावा किया कि आंदोलन में प्रदेश अध्यक्ष बिनय उरांव, प्रदेश महासचिव पवन नाग, रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष कैफ अली, रांची महानगर अध्यक्ष सतीश केशरी, डोरंडा महाविद्यालय अध्यक्ष इलयास अंसारी सहित कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई. संगठन ने स्पष्ट किया कि वह आगे भी झारखंड के छात्रों के अधिकार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्र हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा.

 

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