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यूपी की तर्ज पर झारखंड पुलिस का संदेश: अपराध की दुनिया नहीं छोड़ी तो यही होगा अंजाम

Ranchi: झारखंड में पिछले करीब दो वर्षों के दौरान पुलिस की कार्रवाई का तरीका पहले से कहीं ज्यादा सख्त होता नजर आ रहा है. अपराधियों के खिलाफ लगातार चल रहे एनकाउंटर ने यह साफ संदेश दे दिया है कि अगर कोई अपराध की दुनिया से तौबा नहीं करेगा, तो उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. उत्तर प्रदेश की तर्ज पर झारखंड पुलिस भी अब अपराधियों के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाती दिख रही है.


पिछले दो सालों में राज्य के अलग-अलग जिलों में करीब 20 से अधिक पुलिस एनकाउंटर की घटनाएं सामने आई हैं. इनमें कई कुख्यात अपराधी घायल हुए हैं, जबकि कई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. पुलिस का दावा है कि इन कार्रवाइयों के बाद कई अपराधियों ने खुद ही सरेंडर करने या अपराध छोड़ने का फैसला किया है.

 

कई जिलों में हुई कार्रवाई

राज्य के रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, पलामू, गढ़वा, गिरिडीह और हजारीबाग जैसे जिलों में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ की घटनाएं सामने आई हैं. हाल के महीनों में भी कई ऐसे मामले हुए हैं, जहां पुलिस ने अपराधियों को घेरकर जवाबी कार्रवाई की.

 

हाल ही में धनबाद में कुख्यात अपराधी गिरोह से जुड़े एक बदमाश को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं जमशेदपुर और बोकारो में भी पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ की घटनाएं हुई हैं. इन मामलों में कई अपराधियों को गोली लगी, जबकि कुछ मौके से फरार हो गए.


पुलिस की रणनीति में बदलाव

झारखंड पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाती नजर आ रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब भी अपराधी पुलिस पर हमला करते हैं या गिरफ्तारी से बचने के लिए गोली चलाते हैं, तो जवाबी कार्रवाई करना मजबूरी बन जाता है.


पुलिस का यह भी कहना है कि कई मामलों में अपराधियों ने पहले फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस को गोली चलानी पड़ी. इस दौरान कई अपराधी घायल हुए और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

 

अपराधियों में बढ़ा खौफ

लगातार हो रही इन कार्रवाई के बाद अपराधियों में पुलिस का खौफ साफ तौर पर देखा जा रहा है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक कई अपराधी अब भूमिगत हो गए हैं, जबकि कुछ ने सरेंडर कर दिया है. कई जिलों में अपराधियों की गतिविधियों में कमी आने का भी दावा किया जा रहा है.


विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त कार्रवाई का सीधा असर अपराध के ग्राफ पर पड़ता है. जब पुलिस लगातार दबाव बनाती है, तो अपराधी या तो क्षेत्र छोड़ देते हैं या फिर अपराध से दूरी बना लेते हैं.


जानें 2 सालों में कब-कब हुए एनकाउंटर

28 अक्टूबर 2025, जमशेदपुर


जमशेदपुर में पुलिस को एक अपराधी के छिपे होने की जानकारी मिली थी. पुलिस की टीम जब उसे पकड़ने पहुंची तो आरोपी ने भागने की कोशिश की. इस दौरान हुई मुठभेड़ में अपराधी के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

 

19 अक्टूबर 2025, रांची

रांची में चर्चित विजय नाग हत्याकांड के आरोपी अभिषेक सिंह को पकड़ने के लिए पुलिस लंबे समय से तलाश कर रही थी. जब पुलिस को उसके ठिकाने की सूचना मिली तो टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ने की कोशिश की. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने भागने का प्रयास किया, जिसके दौरान पुलिस की गोली लगने से अभिषेक सिंह घायल हो गया. बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

14 अक्टूबर 2025, धनबाद


धनबाद में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ की घटना सामने आई. इस दौरान कुख्यात अपराधी भानु मांझी पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया. पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और आगे की कार्रवाई शुरू की.


13 अक्टूबर 2025, मैक्लुस्कीगंज (रांची)


रांची के मैक्लुस्कीगंज क्षेत्र में पुलिस को सूचना मिली थी कि अपराधी प्रभात कुमार राम इलाके में छिपा हुआ है. पुलिस जब उसे पकड़ने पहुंची तो उसने भागने की कोशिश की. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रभात कुमार राम घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.


13 अक्टूबर 2025, तुपुदाना (रांची)


तुपुदाना इलाके में सुजीत सिन्हा गिरोह के सदस्य आफताब को पकड़ने के लिए पुलिस ने ऑपरेशन चलाया. इस दौरान अपराधी ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर हमला करने की कोशिश की. जवाबी कार्रवाई में आफताब को गोली लग गई और वह घायल हो गया.

 

10 अक्टूबर 2025, रांची (रातू थाना क्षेत्र)


रांची के रातू थाना क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई. इस दौरान दो अपराधियों को गोली लगने से वे घायल हो गए. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से हथियार भी बरामद किए.


20 सितंबर 2025, चतरा


चतरा जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी उत्तम यादव मारा गया. बताया गया कि वह कई आपराधिक मामलों में वांछित था और पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी.


11 अगस्त 2025, गोड्डा


गोड्डा जिले में पुलिस को सूचना मिली कि कुख्यात अपराधी सूर्या हांसदा इलाके में मौजूद है. पुलिस की टीम जब उसे पकड़ने पहुंची तो उसने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ में सूर्या हांसदा मारा गया.


31 मार्च 2025


यूपी एसटीएफ, झारखंड एटीएस और जमशेदपुर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर कुख्यात अपराधी अनुज कनौजिया को घेर लिया. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में अनुज कनौजिया मारा गया.


27 मार्च 2025


भाजपा नेता अनिल टाइगर हत्याकांड से जुड़े आरोपी रोहित को पकड़ने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की. इस दौरान हुई मुठभेड़ में रोहित को गोली लग गई और वह घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.


11 मार्च 2025


100 से अधिक मामलों में वांछित कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को एटीएस ने एक विशेष ऑपरेशन के दौरान घेर लिया. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने फायरिंग की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में एटीएस की जवाबी कार्रवाई में अमन साहू मारा गया.


11 जनवरी 2025, रामगढ़


रामगढ़ जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी राहुल तूरी मारा गया. पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी और वह कई मामलों में वांछित था.

 

25 जनवरी 2026 – पश्चिम सिंहभूम (सारंडा जंगल)


सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बड़े स्तर पर मुठभेड़ हुई. झारखंड पुलिस, CRPF और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही थी. इसी दौरान जंगल में छिपे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी गोलीबारी की. कई घंटे चली मुठभेड़ के बाद करीब 15 नक्सली मारे गए. घटनास्थल से हथियार, गोला-बारूद और नक्सली सामग्री भी बरामद की गई.


24 सितंबर 2025 – गुमला जिला


गुमला जिले के जंगल इलाके में सुरक्षाबलों को नक्सलियों के छिपे होने की सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया. जंगल में सर्च के दौरान नक्सलियों ने अचानक गोलीबारी कर दी. जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए. बाद में इलाके की तलाशी में हथियार और नक्सली साहित्य बरामद किया गया.


26 मई 2025 – लातेहार जिला


लातेहार के जंगल क्षेत्र में पुलिस को इनामी नक्सली मनीष यादव के छिपे होने की सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया. इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ में इनामी नक्सली मनीष यादव मारा गया. घटनास्थल से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई.


24 मई 2025 – लातेहार जिला


लातेहार में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया. सर्च अभियान के दौरान नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हो गई. काफी देर तक दोनों तरफ से गोलीबारी चली. इस मुठभेड़ में पप्पू लोहरा और प्रभात गंझू नाम के दो नक्सली मारे गए. पुलिस ने मौके से हथियार और अन्य नक्सली सामान भी बरामद किया.


21 अप्रैल 2025 – बोकारो (लुगू पहाड़)

बोकारो जिले के लुगू पहाड़ इलाके में CRPF और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन चला रही थी. इस दौरान जंगल में छिपे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की. कई घंटे चली मुठभेड़ के बाद करीब 8 नक्सली मारे गए. ऑपरेशन के बाद इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया और कई हथियार बरामद किए गए.


11 जनवरी 2025 – रामगढ़ जिला


रामगढ़ में पुलिस को कुख्यात अपराधी राहुल तूरी के छिपे होने की सूचना मिली थी. पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर उसे पकड़ने की कोशिश की. इसी दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ में राहुल तूरी मारा गया. पुलिस ने घटनास्थल से हथियार भी बरामद किए.


14 सितंबर 2025 – पलामू जिले


पलामू जिले के मनातू जंगल में पलामू पुलिस और सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में संगठन का 5 लाख का इनामी कमांडर मुखदेव यादव मारा गया. उसका शव घटनास्थल से बरामद कर लिया गया है. मौके से एक इंसास राइफल भी मिली है.

 

 

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