New Delhi : पश्चिम एशिया संकट यानी अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध को लेकर संसद सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन आज लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया.
इससे पूर्व राज्यसभा और लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया. विपक्षी सांसद राज्यसभा से व़ॉकआउट कर गये. पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर विदेश मंत्री का बयान कांग्रेस सांसद शशि थरूर को रास नहीं आया.
#WATCH | Delhi | Opposition MPs, including LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi and LoP, Rajya Sabha, Mallikarjun Kharge, protest at Makar Dwar in Parliament on the West Asia conflict issue pic.twitter.com/zlCcykUhFa
— ANI (@ANI) March 9, 2026
संसद के बाहर मीडिया के समक्ष नाराजगी जताते हुए कहा कि सदन के सदस्यों को सवाल पूछने या अपनी बात रखने का अवसर न देना कहीं से भी उचित नहीं है. कहा कि केवल एक बयान पढ़ देना काफी नहीं है.
समाजवादी पार्टी के सांसद और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भारत की विदेश नीति को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या अमेरिका यह तय करेगा कि भारत को तेल किस देश से खरीदना चाहिए? कहा कि इस मुद्दे पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए,
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और शिवसेना (UBT) सासंद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी संसद में व्यापक चर्चा की मांग की है। उन्होंने कहा सरकार को इस मामले में विपक्ष को भरोसे में लेना चाहिए. प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि जब सवालों का जवाब नहीं दिया गया, इसलिए विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया.
उधर लोकसभा में विपक्ष की नारेबाजी और हंगामे को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधा, कहा कि वे खुद ही नहीं जानते कि वे क्या करना चाहते हैं.
रिजिजू ने याद दिलाया कि आज सदन में उसी प्रस्ताव पर चर्चा होनी है जिसे विपक्ष ने ही पेश किया है, इसके बावजूद वे लगातार हंगामा मचा रहे है. रिजिजू ओम बिरला के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव की बात कर रहे थे.
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