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संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण, ईरान जंग पर जयशंकर के बयान के बीच विपक्ष का हंगामा, वॉकआउट

New Delhi : संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज 9 मार्च से हंगामे के साथ शुरू हुआ. विदेश मंत्री एस जयशंकर के राज्यसभा और लोकसभा में अमेरिका-इजरायल-ईरान जंग पर बयान दिया. लेकिन विपक्षी सदस्यों ने  हंगामा शुरू कर दिया.

 

विपक्षी सांसद राज्यसभा से वॉकआउट कर गये.  यह भाजपा को रास नहीं आया. नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष पर हमलावर होते हुए उनके व्यवहार की आलोचना की.  जेपी नड्डा  इस बर्ताव को गैर जिम्मेदाराना करार देते हुए कह, विपक्ष के नेता शॉर्ट डिस्कशन की मांग कर रहे हैं.

 

 

आरोप लगाया कि विपक्ष का डिबेट में विश्वास नहीं. तंज कसा कि जब तक मोदी जी हैं, इन लोगों को वहीं बैठना है.विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान युद्ध को लेकर कहा कि  भारत मिडिल ईस्ट की सॉवरेनिटी का समर्थक है. भारत मानता है कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिये किया जाना चाहिए.

 

 

विदेश मंत्री ने कहा कि गल्फ रीजन में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. सीसीएस की बैठक में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गयी है.  विदेश मंत्री ने युद्ध में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की.  साथ ही कहा कि भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.  

 

एस जयशंकरने याद दिलाया  कि हमने जनवरी में अपने नागरिकों को आगाह करते हुए कहा था कि जल्द से जल्द से स्वदेश लौट आयें. भारतीय दूतावासों ने भी एडवाइजरी जारी की थी.  विदेश मंत्री ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि ईरान में भारतीय छात्रों को दूतावास मदद कर रहा है.

 

ईरान से लोगों को अर्मेनिया के रास्ते निकाला गया है. हमारे राजनयिक तेहरान, यूएई, दुबई, बहरीन से भारतीय लोगों को निकालने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं. हमने कई कमर्शियल फ्लाइट संचालित की हैं, ताकि भारतीय लोगों को वापस लाया जाये.

 

विदेश मंत्री ने बताया कि  67 हजार भारतीय वापस लौट चुके हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब और कतर के नेताओं से बात की है. जयशंकर ने कहा कि उन्होंने खुद ईरान के विदेश मंत्री से 28 फरवरी और पांच मार्च को बात की है. बताया कि ईरान के तीन जहाज हिंद महासागर में थे.

 

विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान के आग्रह पर  हमने एक जहाज को डॉकिंग की परमिशन दी है.  इससे पहले राज्यसभा में विदेश मंत्री के बयान के बीच विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे एनर्जी सिक्योरिटी पर संक्षिप्त चर्चा की मांग करते हुए  कहा कि इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है.

 

खड़गे ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का 55 फीसदी हिस्सा पश्चिमी एशिया से आयात करता हैय  उस क्षेत्र में करीब एक करोड़़ भारतीय काम करते हैं. कहा कि  घरेलू गैस की कीमतों में 60 रुपये की वृद्धि हुई है.    

 


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