- हर 10-15 दिन पर होगी बैठक
- पुलिस करेगी सीधे संवाद
- ग्राम सभा में सुनी जाएगी जनता की आवाज
Ranchi : झारखंड में पुलिस और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय और विश्वास कायम करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सीएम के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ग्राम सभा के माध्यम से गांव-गांव तक पुलिस-जन संवाद अभियान शुरू करने जा रहा है.
इस पहल के तहत वरीय पुलिस पदाधिकारी और थाना प्रभारी प्रत्येक 10 से 15 दिनों के अंतराल पर ग्राम सभाओं में शामिल होकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और उनका समाधान निकालेंगे.
गौरतलब है कि हाल ही में आयोजित विधि-व्यवस्था समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया था कि गांव स्तर पर पुलिस और आम लोगों के बीच नियमित संवाद स्थापित की जाए. सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ पुलिस और आम लोगों के संबंध बेहतर होंगे, बल्कि अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय ने इस योजना को गंभीरता से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. राज्य के सभी थाना और ओपी स्तर पर इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जा रहा है. इसमें ग्राम सभा की बैठक की प्रक्रिया, पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियां और संवाद के तौर-तरीकों को तय किया जाएगा.
पुलिस मुख्यालय का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण सीधे अपनी समस्याएं पुलिस तक पहुंचा सकेंगे. साथ ही अपराध, अवैध गतिविधियों और आपराधिक गिरोहों से जुड़ी सूचनाएं भी समय रहते पुलिस को मिल सकेंगी, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव होगी. इससे पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्रामीणों के बीच विश्वास भी मजबूत होगा.
सरकार ने पुलिसकर्मियों के व्यवहार और कार्यशैली को लेकर भी विशेष जोर दिया है. अधिकारियों को अधिक संवेदनशील और जनोन्मुखी (People Oriented) बनाने की प्रक्रिया जारी है. पुलिस मुख्यालय का कहना है कि इंटरनेट मीडिया के दौर में किसी भी घटना की जानकारी तेजी से फैलती है, इसलिए पुलिस की सकारात्मक छवि और अच्छे कार्यों का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा.
इधर, विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों को लेकर भी राज्यभर में जन-जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है. डायल-112 सेवा का प्रचार ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य माध्यमों से किया जाएगा. समय-समय पर लोगों को मैसेज भेजकर भी जागरूक किया जाएगा.
इसके अलावा स्कूलों और कॉलेजों में भी वरीय पुलिस पदाधिकारी और थाना प्रभारी नियमित रूप से भ्रमण करेंगे. विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी जाएगी, ताकि युवाओं और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और वे कानून-व्यवस्था मजबूत करने में सहयोगी बनें.
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