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केंद्रीय बजट पर झारखंड में राजनीति गरमाई, विपक्ष ने उपेक्षा का आरोप लगाया, सत्ता पक्ष ने समावेशी विकास बताया

Ranchi :   केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए यूनियन बजट को लेकर झारखंड में राजनीति गरमा गई है. जहां विपक्षी दलों सहित कई नेताओं ने इसे झारखंड विरोधी, भेदभावपूर्ण और संघीय ढांचे के खिलाफ बताया है. वहीं, सत्ताधारी गठबंधन के घटक दल आजसू पार्टी के नेताओं ने बजट को समावेशी विकास और राज्य की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक अहम कदम बताया है. 

 

बजट में आम आदमी के लिए कुछ नहीं : अंबा 

बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने इसे “कॉरिडोर बजट” कहा और आरोप लगाया कि आम आदमी के रोजगार, औद्योगिकीकरण और रोजमर्रा की जरूरतों को नजरअंदाज किया गया है. उन्होंने कहा कि बजट में तीन नए एम्स खोलने का प्रस्ताव है, लेकिन दिल्ली को छोड़कर अन्य एम्स की हालत जिला अस्पताल जैसी है.

 

अंबा प्रसाद ने यह भी कहा कि जिन राज्यों की साड़ी पहनकर वित्त मंत्री बजट पेश करती हैं, उन्हीं राज्यों को विकास फंड मिलता है. उनका कहना है कि इस बजट में पूर्वी राज्य जैसे झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए कुछ खास नहीं है. 

 

पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि जीएसटी रिफंड के रूप में झारखंड का 1.5 लाख करोड़ रुपये बकाया का जिक्र न होना संघीय ढांचे की अवहेलना है.

 

बजट में झारखंड की अनदेखी, भाजपा शासित राज्यों को विशेष पैकेज : विनोद पांडेय 

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बजट को झारखंड के प्रति असंवेदनशील और भेदभावपूर्ण करार दिया. उन्होंने कहा कि खनिज संपन्न होने के बावजूद राज्य को उसका हक नहीं मिल रहा है. 

 

कोल कंपनियों पर बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये, मनरेगा के 60:40 खर्च अनुपात और जीएसटी युक्तिकरण से हुए नुकसान को लेकर बजट में कोई प्रावधान नहीं है. आरोप लगाया कि कृषि, सिंचाई, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में झारखंड की अनदेखी की गई है. जबकि चुनिंदा भाजपा-शासित राज्यों को विशेष पैकेज दिए गए हैं.

 

बजट समावेशी विकास व सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम : सुदेश महतो

वहीं, आजसू पार्टी प्रमुख सुदेश महतो ने बजट का स्वागत किया और इसे समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया. उन्होंने कहा कि बजट गरीबों, किसानों, मध्यम वर्ग और छोटे उद्यमियों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है. 

 

महतो ने एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कोष, मध्यम वर्ग के लिए आयकर राहत, रांची में निमहांस–2 की स्थापना, खनिज कॉरिडोर, हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और पर्यटन विकास के प्रस्तावों को महत्वपूर्ण बताया. कहा कि 7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखना सरकार की बड़ी उपलब्धि है. 

 

भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला बजट : प्रवीण प्रभाकर

आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने बजट को भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला करार दिया. उन्होंने आधारभूत संरचना, पर्यटन, आदिवासी क्षेत्रों के विकास औरएजुकेशन टू एम्प्लॉयमें पर फोकस को सराहा है. 

 

बजट से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी : देवशरण भगत

वहीं, आजसू पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि बजट से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी. 10,000 करोड़ के कोष से एमएसएमई, किसानों और रोजगार सृजन को बल मिलेगा. उन्होंने खनिज कॉरिडोर और रेल कॉरिडोर को विकास के लिए अहम बताया. साथ ही कहा कि दवाओं की कीमतें कम होने से लोगों को खास लाभ मिलेगा. 

 

 

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