Ranchi: झारखंड में 18 जून का दिन तय है. दो राज्यसभा सीटें, तीन उम्मीदवार. लेकिन इस चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यह नहीं है कि कौन जीतेगा - सबसे दिलचस्प बात यह है कि एक उम्मीदवार को जीतने के लिए कहीं जाना ही नहीं पड़ रहा. JMM के बैघनाथ राम घर बैठे हैं. शांत हैं. बेफिक्र हैं और जीत उनके दरवाजे पर खड़ी है.
वहीं कांग्रेस के प्रणव झा पटना दौड़ रहे हैं और BJP समर्थित परिमल नाथवाणी रांची के हर बड़े नेता का दरवाजा खटखटा चुके हैं. दोनों को पता है कि दूसरी सीट के लिए यह चुनाव करो या मरो वाला है.
बैघनाथ राम: जब गणित पहले से सेट हो
JMM के पास अकेले 34 विधायक हैं. जीत के लिए चाहिए सिर्फ 28 वोट. यानी बैघनाथ राम का टिकट कटने से पहले ही कन्फर्म था. न रात को फोन करने की जरूरत, न नेताओं की मिन्नतें, न दिल्ली-पटना के चक्कर. यही है असली chill - जब ताकत इतनी हो कि दिखानी न पड़े.
प्रणव झा: पटना में तेजस्वी से फरियाद
कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को पता है कि परिमल नाथवाणी की एंट्री ने खेल बदल दिया है. यही वजह है कि वे सीधे पटना पहुंचे और RJD नेता तेजस्वी यादव से मिले. मकसद एक ही था - INDIA गठबंधन के RJD के 4 विधायकों का वोट पक्का करना.
यह मुलाकात महज शिष्टाचार नहीं थी. यह एक दबाव में आए उम्मीदवार की जरूरी कवायद थी. INDIA गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, लेकिन 56 का मतलब 56 पक्के वोट नहीं होता. यह झारखंड की राजनीति है, यहां गिनती हमेशा चुनाव के दिन होती है.
नाथवाणी: चंपई से मिले, रघुवर से मिले, हेमंत से भी मिले
परिमल नाथवाणी तीन बार राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं. रिलायंस से जुड़े हैं, झारखंड की राजनीति में पुराना नाता है. जब मैदान में उतरे तो रणनीति एकदम साफ थी - किसी को मत छोड़ो.
BJP के दफ्तर गए, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन से मिले, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास से बैठकी की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की. यानी विपक्ष और सत्ता - दोनों के दरवाजे खटखटाए. BJP ने इस बार अपना उम्मीदवार नहीं उतारा और NDA के 24 विधायकों का समर्थन सीधे नाथवाणी को मिल गया.
18 जून: एक सीट तय, दूसरी पर असली जंग
एक सीट इत्मीनान की, एक सीट इम्तिहान की और बीच में बैठे हैं बैघनाथ राम - जिन्हें न पटना जाना पड़ा, न किसी का दरवाजा खटखटाना पड़ा. दूसरी सीट पर प्रणव झा और नाथवाणी आमने-सामने हैं. कांग्रेस के पास गठबंधन का भरोसा है, नाथवाणी के पास BJP की ताकत और राजनीतिक अनुभव.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment