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विदेशों में पढ़ रहे झारखंड के शोधार्थियों ने की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात

Ranchi: कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से विदेशों में उच्च शिक्षा और शोध कार्य कर रहे झारखंड के विद्वानों ने शिष्टाचार भेंट की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी का स्वागत किया और राज्य का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन करने के लिए उन्हें बधाई दी.
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Ranchi: कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से विदेशों में उच्च शिक्षा और शोध कार्य कर रहे झारखंड के विद्वानों ने शिष्टाचार भेंट की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी का स्वागत किया और राज्य का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन करने के लिए उन्हें बधाई दी.

 

भेंट करने वालों में डॉ. रेजिना हांसदा, जो University of Edinburgh में विकास और न्याय विषय की लेक्चरर हैं, डॉ. रिचर्ड टोप्पो, जिन्होंने Oxford University से उच्च शिक्षा प्राप्त की है, माधुरी खलखो, जो SOAS University of London में पीएचडी कर रही हैं, रूबी हेंब्रम, जो London School of Economics में पीएचडी की पढ़ाई कर रही हैं और नोलीना मिंज, जो University of St Andrews से मास्टर्स कर चुकी हैं, शामिल रहीं.

 

शोधार्थियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण के कारण झारखंड के प्रतिभाशाली विद्यार्थी विदेशों में उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं. 

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा के दौरान मरंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा परदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत अध्ययनरत छात्रों से हुई मुलाकात एक प्रेरणादायक पहल रही, जिससे राज्य के युवाओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ है.

 

मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान शोधार्थियों ने कहा कि सरकार की यह सोच है कि वर्ष 2050 तक अधिक से अधिक झारखंडी छात्र इस योजना के माध्यम से विदेशों में उच्च शिक्षा और अनुसंधान कर राज्य का मान-सम्मान बढ़ाएं. उन्होंने गुरुजी के सपनों को साकार करने की दिशा में आदिवासी छात्रों को शिक्षा, पीएचडी और रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर विशेष जोर देने की अपील भी की.

 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के बाद आज झारखंड के आदिवासी छात्र ऑक्सफोर्ड जैसी विश्व प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी में अध्ययन कर रहे हैं, जो राज्य के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं. 

 

वर्तमान में प्रतिवर्ष 25 छात्र मरंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा परदेशीय छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठा रहे हैं और आने वाले समय में इस संख्या को बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री ने सभी शोधार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से झारखंड का नाम वैश्विक स्तर पर और ऊंचा करेंगे.

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