- सादे लिबास में रहेंगे तैनात
Ranchi : मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच पूरी तरह अलर्ट मोड में है. राज्यभर के संवेदनशील (सेंसिटिव) जोन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. स्पेशल ब्रांच के 2,000 से अधिक जवान, अधिकारी और डीएसपी रैंक के पदाधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग में जुटे हुए हैं.
इसे भी पढ़ें..
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिन थाना क्षेत्रों में पूर्व में तनाव, विवाद या अप्रिय घटनाएं हुई हैं, वहां स्पेशल ब्रांच की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है. अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय के साथ-साथ संबंधित जिला प्रशासन को भेजी जा रही है.
सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए स्पेशल ब्रांच के अधिकारी और जवान सादे लिबास में तैनात किए गए हैं. उनका काम भीड़ और जुलूसों के बीच रहकर गतिविधियों पर नजर रखना और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति की सूचना तत्काल पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाना है.
सूत्रों के मुताबिक राज्य के 606 थाना क्षेत्रों में दो-दो स्पेशल ब्रांच के जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई है. वहीं, अति संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, जिला पुलिस और स्पेशल ब्रांच की संयुक्त तैनाती की गई है.
स्पेशल ब्रांच ने विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की है. इन इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. कई स्थानों पर उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वयं पहुंचकर शांति समिति की बैठकें कर रहे हैं और लोगों से भाईचारे एवं सौहार्द के साथ मोहर्रम मनाने की अपील कर रहे हैं.
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पर्व के दौरान अफवाह फैलाने वालों, सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश प्रसारित करने वालों और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मोहर्रम के दौरान राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी.
पिछले दो वर्षों में मोहर्रम के दौरान सामने आए विवाद भी प्रमुख कारण हैं. वर्ष 2024 में हजारीबाग के बड़कागांव में जुलूस मार्ग को लेकर हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग घायल हुए थे. धनबाद और जमशेदपुर में भी तनाव और टकराव की घटनाएं सामने आई थीं.
वहीं, वर्ष 2025 में पलामू में जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की घटना हुई थी. कोडरमा में आपत्तिजनक गीत बजाने के आरोप में कई लोगों पर कार्रवाई हुई थी. गोड्डा और साहिबगंज में भी तनाव की स्थिति बनी थी, हालांकि प्रशासन की तत्परता से हालात जल्द नियंत्रण में आ गए थे.
पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले दो वर्षों में राज्य के विभिन्न जिलों में मोहर्रम से जुड़ी 10 से अधिक छोटी-बड़ी विवाद और तनाव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार स्पेशल ब्रांच की टीम हाई अलर्ट पर है, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment