- - विमानन क्षेत्र में युवाओं को मिलेगा करियर बनाने का अवसर
Ranchi: झारखंड को विमानन शिक्षा का बड़ा केंद्र बनाने के लिए एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (एएमई) संस्थान की स्थापना की जाएगी. दुमका, धनबाद और गिरिडीह में एएमई संस्थानों की स्थापना की तैयारी शुरू हो गई है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य विमानों की तकनीकी मरम्मत और रखरखाव के क्षेत्र में राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करना है.
स्थानीय स्तर पर मिलेगी उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग शिक्षा
विमानन क्षेत्र में एएमई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. किसी भी विमान की सुरक्षा और उड़ान का फिटनेस सर्टिफिकेट इन्हीं इंजीनियरों की ओर से जारी किया जाता है. अभी तक इस प्रशिक्षण की कमी के कारण स्थानीय छात्रों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था. अब इन तीन शहरों में संस्थान खुलने से विद्यार्थियों को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के मानकों के अनुरूप किफायती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही राज्य में मिल सकेगी.
विमानन इकोसिस्टम से बनेगा एविएशन हब
दुमका में पायलट ट्रेनिंग की शुरुआत के बाद अब इंजीनियरिंग संस्थानों का विस्तार झारखंड को एक 'एविएशन हब' के रूप में स्थापित करेगा. राज्य के पास अपने प्रशिक्षित पायलट और रखरखाव इंजीनियर होंगे. इससे बड़ी एयरलाइंस कंपनियां झारखंड को अपना तकनीकी बेस और मरम्मत (MRO) केंद्र बनाने के लिए प्राथमिकता देंगी.
सहायक उद्योगों में रोजगार के अवसर
इन संस्थानों के स्थापित होने से विमानन से जुड़े सहायक उद्योगों में भी निवेश बढ़ेगा. विमानों के स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई, लॉजिस्टिक्स, ग्राउंड हैंडलिंग और तकनीकी सपोर्ट सेवाओं में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं की उपलब्धता से झारखंड को वैश्विक विमानन मानचित्र पर एक मजबूत पहचान मिलेगी.
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