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झारखंड आदिवासी महोत्सव का आगाज, मोरहाबादी मैदान में दिखेगी जनजातीय संस्कृति की रंगीन छटा

Ranchi : झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, कला, परंपरा और लोक विरासत का भव्य उत्सव ‘झारखंड आदिवासी महोत्सव का आगाज हो गया. मोरहाबादी समेत शहर के विभिन्न स्थानों और धुमकुड़िया भवनों में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है. महोत्सव के उद्घाटन समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन भी मौजूद रहेंगे.
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Ranchi : झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, कला, परंपरा और लोक विरासत का भव्य उत्सव ‘झारखंड आदिवासी महोत्सव का आगाज हो गया. मोरहाबादी समेत शहर के विभिन्न स्थानों और धुमकुड़िया भवनों में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है. महोत्सव के उद्घाटन समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद रहेंगे.

 

उद्घाटन समारोह की शुरुआत दोपहर 1:30 बजे से होगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मुख्य द्वार पर आगमन के बाद 1:35 बजे मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का आगमन होगा. इसके बाद संथाली कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोटा पानी स्वागत किया जाएगा. दो पाईका नृत्य समूह पारंपरिक अंदाज में मुख्य अतिथि का स्वागत करेंगे.

 

प्रदर्शनी से लेकर इमर्सिव जोन तक का होगा उद्घाटन

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि प्रदर्शनी शिविर, वृत्तचित्र फिल्म महोत्सव, इमर्सिव जोन और चित्रकला शिविर का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद शहीद वेदी पर पुष्पार्पण और नगाड़ा फॉर्मेशन की विशेष प्रस्तुति होगी.


करीब 2:12 बजे मुख्य अतिथि और मुख्यमंत्री मंच पर पहुंचेंगे. अतिथियों का सखुआ पौधे से अभिनंदन किया जाएगा. इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन, स्वागत संबोधन और दो वीडियो का लोकार्पण होगा.


मुख्यमंत्री करीब 2:28 बजे समारोह को संबोधित करेंगे. इसके बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का संबोधन होगा. उद्घाटन सत्र के बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू होगा.

 

देशभर के आदिवासी कलाकार बिखेरेंगे संस्कृति के रंग

महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम में झारखंड के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों के आदिवासी कलाकार अपनी पारंपरिक कला और नृत्य प्रस्तुत करेंगे. मोनिका मुंडू की प्रस्तुति के बाद वर्षा लकड़ा की नृत्य नाटिका दर्शकों को जनजातीय संस्कृति की विविधता से रूबरू कराएंगे.
इसके बाद प्रभात कुमार महतो द्वारा मानभूम छऊ नृत्य की प्रस्तुति होगी. महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के आदिवासी कलाकार भी अपने पारंपरिक नृत्य पेश करेंगे.

 

पद्मश्री मुकुंद नायक से लेकर नितेश कच्छप तक खास प्रस्तुतियां

कार्यक्रम में पद्मश्री मुकुंद नायक नागपुरी गीत और नृत्य की प्रस्तुति देंगे. इसके बाद पाइका नृत्य, झूमर, छऊ और करमा नृत्य की प्रस्तुति राहुल डांस एकेडमी द्वारा की जाएगी.

 

शाम के कार्यक्रम में मेघा एस. डॉल्टन की प्रस्तुति के बाद तकनीकी सेटअप के लिए 15 मिनट का विश्राम होगा. इसके बाद आवेग बैंड प्रस्तुति देगा. रात में नितेश कच्छप की प्रस्तुति के साथ महोत्सव का माहौल और भी रंगीन होगा.

 

ड्रोन शो बनेगा आकर्षण का केंद्र

महोत्सव के उद्घाटन समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण रात 8:15 बजे होने वाला ड्रोन शो होगा. आसमान में रोशनी और ड्रोन की कलाकृतियों के जरिए झारखंड की संस्कृति और पहचान को एक अलग अंदाज में प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है.

 

मोरहाबादी मैदान में होने वाला यह आयोजन झारखंड की जनजातीय विरासत, लोककला, संगीत, नृत्य और परंपराओं को एक मंच पर लाने के साथ-साथ देश के अलग-अलग राज्यों की आदिवासी संस्कृति से लोगों को परिचित करा रहे हैं.

 

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