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Jharkhand Weather: गर्मी का सितम शुरू, 17 अप्रैल को हीट वेव का अलर्ट, 40 डिग्री पहुंचेगा पारा

Ranchi: झारखंड में आने वाले दिनों में गर्मी का असर तेजी से बढ़ने वाला है. मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, अगले पांच दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है. इसके साथ ही कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी भी जारी की गई है.

 

मौसम विभाग ने 17 अप्रैल के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है. उत्तर-पूर्वी और उससे सटे मध्य भागों को छोड़कर राज्य के कई इलाकों में हीट वेव यानी लू चलने की प्रबल संभावना है. इस दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

 

पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहा. सबसे अधिक तापमान डाल्टनगंज में 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जमशेदपुर में तापमान 39.0 डिग्री और सरायकेला में 39.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला में 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

 

मौसम विभाग के अनुसार, 17 अप्रैल तक रांची में पारा बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. वहीं जमशेदपुर और डाल्टनगंज में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने के आसार हैं.

 

गर्मी के बीच कुछ इलाकों में हल्की राहत मिलने की संभावना भी जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार 17 अप्रैल को साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा और दुमका समेत उत्तर-पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है. बाकी क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहने और मेघ गर्जन की संभावना है. वहीं 18 अप्रैल को दक्षिण झारखंड के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की उम्मीद है.

 

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तापमान में बढ़ोतरी और लू की स्थिति को देखते हुए दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें. अगर बाहर निकलना जरूरी हो तो पर्याप्त पानी पीते रहें और खुद को हाइड्रेटेड रखें. विभाग के अनुसार, 20 अप्रैल तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा और आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है.

 

कृषि और किसानों के लिए अहम सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को अहम सलाह दी है. बारिश की संभावना को देखते हुए किसान पकी फसलों की कटाई फिलहाल टाल दें. कटाई हो चुकी फसल को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें. बारिश के बाद फफूंद जनित रोगों की निगरानी करें. सब्जी फसलों में कीट नियंत्रण के लिए फेरोमोन ट्रैप और नीम आधारित उपाय अपनाएं.

 

पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए बरतें विशेष सावधानी

पशुपालक पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाने के लिए टीकाकरण कराएं. मछली पालन में संतुलित आहार और तालाब प्रबंधन पर ध्यान दें. मौसम में बदलाव से पशुओं पर भी नकारात्मक असर होता है. इसलिए मौसम विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे बदलते मौसम के अनुसार ही कृषि कार्यों की योजना बनाएं, ताकि नुकसान से बचा जा सके.

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