Saraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई की बाइकर गर्ल कंचन उगुरसांडी को ‘इंडिया प्राइड अवार्ड–2026’ से सम्मानित किया गया. इंडिया प्राइड अवार्ड 2026 जीतकर कुचाई के छोटे से गांव बिदरी की रहने वाली बाइकर गर्ल ने झारखंड का मान बढ़ाया है. उगुरसांडी ने हिमालय क्षेत्र के 23 दुर्गम दर्रों को बाइक से पार किया है.
यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सम्मेलन 2026 के दौरान दिया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रूप में शामिल रूस दूतावास की सचिव क्रिस्टीना अमीना और NHRCCB के राष्ट्रीय अध्यक्ष रणधीर कुमार ने उगुरसांडी को प्रदान किया. उन्हें मोमेंटों और प्रशस्ति पत्र दिया गया.
कंचन उगुरसांडी को यह सम्मान मोटरस्पोर्ट्स और एडवेंचर मोटरसाइक्लिंग के क्षेत्र में उपलब्धि के लिए दिया गया है. जो जिले और झारखंड के लिए बेहद गौरव और सम्मान का पल है. बाइकर गर्ल कंचन ने हिमायल क्षेत्र में 23 दुर्गम दर्रों को पार किया है. इनमें लद्दाख स्थित भारत-तिब्बत सीमा पर विश्व की सबसे ऊंची सड़क उमलिंग्ला दर्रा भी शामिल है, जिसकी उंचाई 19024 फिट है. कंचन इतनी ऊंचाई पर बाइक चलाने वाली पहली बाइकर हैं.
कंचन ने दो साल पहले भारत-तिब्बत और नेपाल सीमा पर स्थित लिपुलेख दर्रे पर चढ़ाई करने वाली पहली बाइकर है. बता दें, उन्होंने देश के सबसे ऊंचे 23 दर्रों को पार कर सुर्खियां बटोरी हैं. अब उनकी पहचान देशभर में माउंटेन बाइकर गर्ल के रूप में हो रही है. वे सोशल मीडिया पर बॉर्डर बाइरक गर्ल के नाम से काफी लोकप्रिय हैं. कंचन ने लद्दाख के अलावा गुजरात के रन ऑफ कच्छ सहित राजस्थान, पंजाब, हिमाचल और उत्तराखंड तक बाइक से यात्रा कर चुकी हैं.
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