Ranchi: विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने विपक्ष द्वारा लाए गए कटौती प्रस्तावों पर तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव दरअसल झारखंड की जनता की जन आकांक्षाओं की कटौती का प्रस्ताव है. मंत्री ने 1.58 लाख करोड़ रुपये के बजट को झारखंड के सपनों की उड़ान बताते हुए सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी.
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है. उन्होंने बताया कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस अब निजी स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं और इन स्कूलों में नामांकन के लिए काफी मांग है. शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में प्राथमिक शिक्षा में ड्रॉप आउट दर घटकर 1.33 प्रतिशत रह गई है. साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर पीएम श्री स्कूलों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं कराने का आरोप भी लगाया.
पेयजल की समस्या पर मंत्री ने कहा कि झारखंड में फिलहाल करीब 48 प्रतिशत घरों तक पानी पहुंच रहा है, जो राष्ट्रीय औसत 61 प्रतिशत से कुछ कम है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जल्द ही इस आंकड़े को राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने के लिए तेजी से काम कर रही है. कोडरमा में होल्डिंग टैक्स और सर्किल रेट बढ़ने के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्किल रेट पिछले तीन वर्षों की रजिस्ट्री के आधार पर तय होता है, इसलिए इसे कम करना नियमों के तहत आसान नहीं है.
विभागों के खर्च का ब्यौरा देते हुए उन्होंने बताया कि पथ निर्माण विभाग द्वारा अब तक 88.89 प्रतिशत राशि खर्च की जा चुकी है और मार्च के अंत तक यह 96 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है. नगर विकास और आवास विभाग ने 83 प्रतिशत और भवन निर्माण विभाग ने 85.46 प्रतिशत राशि खर्च कर ली है.
मंत्री सुदिव्य कुमार ने अंत में सदन से अपील की कि कटौती प्रस्ताव को निरस्त कर बजट को पूरी तरह पारित किया जाए. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों के पेट में अनाज और चलने के लिए बेहतर सड़कें दोनों सुनिश्चित करना है.
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