- 16वें वित्त आयोग से झारखंड की पंचायतों को 14,231 करोड़: गांवों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
Ranchi: 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत झारखंड की पंचायती राज संस्थाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए 14,231 करोड़ की अनुदान राशि मिलने की अनुशंसा की गई है. यह राशि राज्य की ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को स्थानीय विकास कार्यों, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और पंचायतों की प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराई जाएगी.
वित्त आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों को मिलने वाली अनुदान राशि को मुख्य रूप से बेसिक ग्रांट और परफॉर्मेंस ग्रांट में बांट कर किया है. कुल अनुदान का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा बेसिक ग्रांट के रूप में दी जानी है. इसमें आधी राशि अनटाइड ग्रांट होगी, जिसे पंचायतें स्थानीय जरूरतों और ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के अनुरूप खर्च कर सकेंगी. शेष आधी राशि टाइड ग्रांट होगी, जिसका उपयोग केवल निर्धारित क्षेत्रों में ही किया जा सकेगा.
इन कार्यों पर खर्च होगी टाइड ग्रांट
टाइड ग्रांट का उपयोग मुख्य रूप से पेयजल आपूर्ति, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) स्थिति बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों पर किया जाएगा. इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना तथा जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना है.
स्थानीय जरूरतों के अनुसार खर्च होगी अनटाइड ग्रांट
अनटाइड ग्रांट के माध्यम से पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्य करा सकेंगी. इसमें गांवों की आंतरिक सड़कों का रखरखाव, नाली निर्माण, स्ट्रीट लाइट, पंचायत भवनों का रखरखाव, सामुदायिक भवन, श्मशान और कब्रिस्तान का विकास, सार्वजनिक परिसंपत्तियों का संरक्षण व अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण और मरम्मत शामिल है. इससे पंचायतों को स्थानीय समस्याओं के समाधान में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी.
बेहतर प्रदर्शन पर मिलेगा अतिरिक्त अनुदान
कुल राशि का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा परफॉर्मेंस ग्रांट के रूप में निर्धारित किया गया है. यह राशि उन्हीं पंचायतों को मिलेगी जो वित्तीय अनुशासन, नियमित लेखा-परीक्षण, समय पर खातों का संधारण, स्थानीय कर एवं राजस्व संग्रह, पारदर्शिता तथा सुशासन जैसे काम पूरा करेंगी.
राज्य सरकार करेगी जिला एवं पंचायतवार आवंटन
वित्त आयोग ने झारखंड के लिए कुल 14,231 करोड़ की राशि की अनुशंसा की है. हालांकि यह राशि जिला, प्रखंड और पंचायतवार किस अनुपात में वितरित होगी, इसका अंतिम निर्धारण राज्य सरकार और संबंधित विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर किया जाना है.
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